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एक रानी की कहानी जो मरी लड़ते-लड़ते वीर योद्धा की तरह, झाँसी की रानी के बारें में 6 महत्वपूर्ण और रोचक बातें जो आज तक नहीं सुनी होंगी आपने

Jhansi ki Rani Story

Jhansi ki Rani Story- जब-जब स्वतंत्रता सेनानी की बात कही जाएगी रानी लक्ष्मी को हर वक्त याद की जाएगी. हमारे भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में से एक रानी लक्ष्मीबाई थी. जिन्होंने अपना जीवन बलिदान कर दिया. शायद इसीलिए आज वह महिला सशक्तिकरण  को प्रेरित करती है. शेर की दहाड़ और रानी लक्ष्मी बाई की पुकार ब्रिटिश साम्राज्य के लिए वाकई सोचने वाली बात थी.

इसीलिए रानी लक्ष्मीबाई के हर कर्म  अरे इतिहास में लिखी गई है. एक महिला के साथ-साथ एक प्रतिभाशाली योद्धा थी. आइए जानते हैं रानी लक्ष्मी बाई के 6 महीने महत्वपूर्ण और रोचक बातें-  Jhansi ki Rani Story

Jhansi ki Rani Story

रानी लक्ष्मी बाई का जन्म भीम एक बात चित्र का पात्र है लेकिन एक अनुमान के अनुसार इनका जन्म  19 नवंबर 1828 में वाराणसी क्षेत्र में हुआ था. बचपन में इनका नाम मणिकर्णिका था .इसलिए सब कोई इन्हें प्यार से मनु बुलाते थे.

Jhansi ki Rani Story

सात साल उम्र में शादी करके  झांसी के राजा गंगाधर राव  नेवालकर की पत्नी बनी. जिसके बाद इनका नाम रानी लक्ष्मीबाई रखा गया.

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वह बचपन से ही साहसी थी. उनके अंदर योद्धा वाले गुण  बचपन से ही थे. की शिक्षा उनके घर में ही हुई जहां इन्होने तलवारबाजी घुड़सवारी और तीर चलाना सीखा.

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वह बचपन से ही घुड़सवारी की आधी थी इसलिए उनके पास तीन घोड़े थे. वह दिखने में तो सामान्य लड़की जैसी थी लेकिन उनके गुण उनको सामान्य से  अलग करता था. वह वक्त से पहले ही इतनी प्रतिभाशाली बन गई कि शायद उस जमाने में पुत्र वंश भी नहीं हुआ करते थे.

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रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजो द्वारा बनाई गई हर नीति को अपनाने से मना कर दिया. झांसी की रानी अठारा  साल की उम्र में बनी. उन्होंने निश्चय कर लिया कि झांसी और भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से मुक्त कराएंगी.

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ब्रिटिश सरकार के खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ी लेकिन लड़ाई के बीच उन्होंने अपना पुत्र को दिया. इसके बावजूद उनकी हिम्मत नहीं टूटी उन्होंने एक पुत्र को अपनाया जो राज परिवार के वंश को आगे बढ़ा सकें और उसका नाम आनंद राव रखा.

आज के समय में जैसे हमने अपने बच्चों को झाँसी की रानी वाली असली कहानियों को बताना छोड़ दिया है. यही कारण है कि भारत के वीर योद्धाओं की कहानी और उनके शौर्य को हमारे बच्चे भूलने लगे हैं.

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