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भारत आये इस विदेशी मुस्लिम राजा की थी 4 पत्नियां और 70 हजार दासियाँ, पुरुषों से भी शादी कर लेता था ये मुस्लिम राजा

Alauddin Khilji History In Hindi

Alauddin Khilji History In Hindi– पद्मावत  एक ऐसी कहानी जो इतिहास में तो प्रसिद्ध है इसके साथ ही सिनेमाघरों में भी  इसकी चर्चा है. जैसे कि इतिहास में लिखा गया है कि कैसे पद्मावत खिलजी से अपने आप को बचाने के लिए जोहर करती है ताकि वह अपना चेहरा खिलजी को ना दिखा सके. लेकिन पद्मावत के जोहर करने के बाद एक बहुत मुख्य सवाल है जो शायद ही किसी साहित्यकार और इतिहास में रुचि रखने वाले  को पता होगा.  पद्मावत के जौहर करने के बाद अलाउद्दीन खिलजी का क्या हुआ. इस सवाल का जवाब आपको हमारे इस आर्टिकल में मिलेगा.

अलाउद्दीन खिलजी एक ऐसा इंसान था जिसके अंदर विजय प्राप्त करने का मानव भूत सवार था. खिलजी को हमेशा से विजय प्राप्ति  में बहुत रुचि रही थी. उनको कोई फर्क नहीं पड़ता था कि जीत हासिल करने के लिए उनको कौन से तरीके अपनाना चाहिए.

Alauddin Khilji History In Hindi

इसने अपने राज्य का विस्तार करने के लिए कई जगह पर कब्जा किया उसके साथ चित्तौड़ पर हमला भी किया. यह इतिहास में लिखा गया है कि अलाउद्दीन खिलजी पद्मावती की खूबसूरती पर इतने मोहित हुए कि उनको  पद्मावती से बस अपनी वासना पूरी करनी थी.

Alauddin Khilji History In Hindi

अगर वासना की बात करें तो हम आपको बता दें कि वह ऐसे थे कि उनकी रुचि महिलाओं के साथ-साथ पुरुष में भी थी. अपनी वासना पूरी करने के लिए पुरुष का विवाह इस्तेमाल करते थे  जैसे मलिक काफूर का यह तो आप ने पद्मावत फिल्म में देख लिया होगा.

Alauddin Khilji History In Hindi

मलिक काफूर को खिलजी का बाया अंग बताया गया है. इतिहास में साफ-साफ लिखा गया है कि अलाउद्दीन खिलजी एक पागल भेड़िया है जो सिर्फ जो सब कुछ अपने संदर्भ में कर लेना चाहता था.

यह माना जाता है कि  खिलजी की 70000 दासियां थी. यह कहा जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी ने अपना बाया पैर खो दिया था जब खिलजी बादल के साथ लड़ाई कर रहा था.

Alauddin Khilji History In Hindi

किले में चढ़ने के लिए, लेकिन यह कौन जाता था कि खिलजी उसकी मौत  उसकी  करीबी इंसान के द्वारा ही होगी. यह माना जाता है कि अलाउद्दीन खिलजी को मौत के घाट उतारने वाला इंसान मलिक काफूर था.

इसलिए दिल्ली  का राजसिंहासन पाने के लिए अलाउद्दीन खिलजी को दिया साथ ही अपने 2 पुत्र को अंधाकर दिया  ताकि वह भी दिल्ली का राजा ना बन सके.

इन सारी चीजों से या आप जान सकते हैं कि अलाउद्दीन खिलजी कितना क्रूर इंसान था और उनके अंदर कितना लोभ था. लेकिन इन सारी बातों में कितनी सच्चाई है यह तो इतिहास के पन्ने गवाह है और यह कथा काल्पनिक है या घटित इसका पता हमें इतिहास से ही पता चल सकता है.

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