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इतिहास

भारतीय एजेंसी रॉ के बारे में 11 रोचक बातें, रॉ ने किया था कारगिल युद्ध में इस्लामाबाद के चीफ लेफ्टिनेंट का फोन रिकॉर्ड और जीत गया था भारत युद्ध

Top amazing facts about RAW

भारतीय एजेंसी रॉ के बारे में 11 रोचक बातें- देश की सुरक्षा के लिए खुफिया एजेंसी एक विशेष महत्व रखती है. खुफिया एजेंसी के बारे में हर किसी को मालूम नहीं होता शायद इसीलिए ही इनका खुफिया नाम रखा गया. आज हम आपको भारत की एक ऐसी ही खुफिया एजेंसी के बारे में बता रहे हैं. जो  भारत की सुरक्षा के लिए अनुसंधान और विश्लेषण करती रहती हैं.

दरअसल हम आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं. रॉ एजेंसी की जिसे पूर्ण रूप से अनुसंधान और विश्लेषण विंग कहा जाता है.खुफिया एजेंसी को बनाने के पीछे बड़े कारण होते हों. रॉ का निर्माण भी बड़े कारण की वजह से किया गया. 1962 में भारत चीन युद्ध और 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद जरूरत महसूस हुई की एक अलग खुफिया एजेंसी बननी चाहिए.

21 सितंबर 1968 को रॉ की स्थापना की गई. आपको बता दें 1968 से पहले सूचनाओं की जानकारी इंटेलिजेंस ब्यूरो के पास रहती थी. रॉ जैसी एजेंसी में काम करना या काम के बारे में जानना आसान नहीं होता क्योंकि यह देश हित के लिए काम करती हैं और देशद्रोहियों से महत्वपूर्ण जानकारियों को दूर भी रखना होता है. आज हम आपको रॉ से जुड़ी कुछ ऐसी महत्वपूर्ण और रोचक बातें बताएंगे, जिन्हें जानकर आपको पता चलेगा कि खुफिया एजेंसी किसी भी देश के लिए कितनी महत्वपूर्ण है.

 

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भारतीय एजेंसी रॉ के बारे में 11 रोचक बातें | Amazing facts about raw


i) सबसे पहले हम आपको बता दें कि रॉ में शामिल होने के लिए माता पिता का भारतीय होना बहुत जरूरी है इस बात से साफ है कि हर कोई रॉ में काम नहीं कर सकता.

ii) जो रॉ काम करती है उसकी रिपोर्ट सीधा प्रधानमंत्री को भेजी जाती है और रॉ के डायरेक्टर का चुनाव सिक्योरिटी रिसर्च द्वारा होता है.

iii) रॉ में शामिल होना या काम करना देश सेवा से कम नहीं माना जाता क्योंकि इसमें लोग मालामाल होने नहीं बल्कि देश के लिए अपनी सेवा देने के लिए जाता है.

iv) रॉ का सिद्धांत धर्मो रक्षति रक्षित: है जिसका अर्थ है वह हमेशा सुखी रहता है जो धर्म की रक्षा करता है. इसी प्रकार सुखी कर्म गुप्त बातों को गुप्त रखना है.

v) जो व्यक्ति रॉ में काम करता है उसे हर चीज गुप्त रखनी पड़ती है यहां तक कि उसके परिवार को भी नहीं पता होता कि वह है कहां साफ है कि रूम में काम करने वाले खुद एक बहुत बड़ा राज होते हैं राज का पता किसी को नहीं होता

vi) खुफिया एजेंसी देश हित के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं इस तरह की एजेंसी देश को बड़े खतरों से दूर करने के लिए हर प्रयास करता है.

vii) आपको जानकर आश्चर्य होगा रॉ में ड्यूटी पर तैनात अधिकारी को पिस्टल नहीं दी जाती वह अपने बचाव के लिए तेज बुद्धि का इस्तेमाल करता है.

viii) रॉ में काम करना हकीकत में खुद को देश के लिए अर्पण करने जैसा है क्योंकि यदि कोई अधिकारी जांच करता हुआ दूसरे देश में पकड़ा जाए तो सरकार उसे पहचानने से मना कर देती है. अंत में उसे अपने देश के लिए कुर्बानी देने पड़ जाती है.

ix) जो देश के लिए अर्पण हो जाता है. वह सबसे सर्वोपरि होता है. दुर्भाग्य की बात है कि रॉ का  अधिकारी यदि बाहर पकड़ा जाए तो देश में भी नहीं आ पाता


x) आपको बता दें कि आज तक रॉ ने देश की रक्षा के लिए योगदान दिया. इसमें रॉ ने 1971 में बांग्लादेश के निर्माण में भूमिका अदा की जिससे बांग्लादेश का का अस्तित्व सामने आया. वहीं हम आपको बता दें कि 1984 में रॉ ने भारतीय सेना को पाकिस्तान के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएं जिसके अनुसार पाकिस्तान एक अबाबील नाम से ऑपरेशन चला रहा था.

xi) रॉ ने कारगिल युद्ध में इस्लामाबाद के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अजीज की टेलीफोन पर बातचीत को सफलता के साथ टेप किया जो महत्वपूर्ण साबित हुआ.

इस तरह से यह एंजेसी हमेशा से देश की रक्षा के लिए निस्वार्थ सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं और गुप्त जानकारियों को इकट्ठा कर देश के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने में भूमिका अदा करते हैं. दोस्तों यह थी वह खुफिया एजेंसी जो अनजान होकर भी मिसाल पैदा करती है.

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