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पॉलिटिक्स

बड़ी भविष्यवाणी- मोदी के झोला लेकर दिल्ली से जाने का समय नजदीक दिखने लगा है

चुनाव में बीजेपी की हार

चुनाव में बीजेपी की हार– नरेद्र मोदी, भारत के प्रधामंत्री के रूप में वैसे तो अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं. नोटबंदी और इसके बाद जीएसटी जैसे मुद्दों के लिए मोदी सालों तक अमर रहने वाले हैं. मोदी जी सही कहते हैं कि वह तो दिल्ली झोला लेकर आये थे और जाते समय झोला ही लेकर निकल लेंगे.

प्रधानमन्त्री मोदी का एक सपना था कि इनको कांग्रेस मुक्त भारत बनाना है. समय ने सही समय पर मोदी को मौका दिया लेकिन कई गलत फैसलों के चलते जनता अब बीजेपी से ही नाराज हो गयी है. आपको ऐसा ना लगे कि हम यह बात हवा में यूँही उछाल रहे हैं तो आपको बता दें कि दिल्ली से सटे गुरुग्राम में निकाय यानि निगम के चुनाव हुए थे.

किसान और मोदी सरकार

इन चुनावों में बीजेपी को मात्र 13 सीट पर जीत हासिल हुई है. सबसे अच्छी बात यह है कि 21 सीट निर्दलीय उम्मीदवार जीत गये हैं. निर्दलीय जिनको किसी भी पार्टी का समर्थन नहीं मिला हुआ होता है. तो अब सवाल यह उठता है कि जापान से गुजरात में रफ़्तार ट्रेन लाने वाले मोदी, क्या बीजेपी की रफ़्तार पर ध्यान दे रहे हैं? तो आइये आपको इन निगम चुनावों का थोड़े शब्दों में भविष्य के चुनावों पर असर बताते हैं- चुनाव में बीजेपी की हार

अमरनाथ हमला

  • इसलिए अब आप तैयार रखो अपना झोला

निश्चित रूप से बीजेपी को निगम चुनावों में झटका लगा है. लेकिन सच यही है कि मोदी भी वही गलती कर रहे हैं जो कभी अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी. आपने नोटबंदी की तो सारी जनता आपके साथ थी लेकिन महंगाई को आपकी सरकार रोक नहीं पा रही है. पेट्रोल के दाम ऐसे बढ़ते हैं जैसे कि तेल की जगह सोना मशीन से निकलता है. उसी तरह से आपके नेता भी फिर ब्यान देते हैं.

जनता को इसलिए मोदी पर विश्वास नहीं रह गया है क्योकि वह अभी तक कुछ भी ऐसा नहीं कर पाए हैं जिसको जनता खुद देखे, ना कि वह मोदी जे के मुंह से उस योजना का सिर्फ प्रचार सुने. जनता को अभी अगर बीजेपी की जगह कोई अन्य विकल्प मिल जाए तो निश्चित रूप से किसी भी राज्य के चुनाव में मुकाबला कड़ा हो सकता है. बस देखना यह है कि क्या वाकई निर्दलीय उम्मीदवार अच्छा विकल्प पेश कर सकते हैं? वहीँ इन चुनावों के निर्णय के बाद कई चुनावी पंडित बोल रहे हैं कि अब बीजेपी की दिल्ली से वापसी दिखने लगी है.

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