हिन्दुओं के लिए सबसे बड़ा आत्याचारी साबित हुआ ये मुस्लिम शासक, दिल्ली में बनवाया था हिन्दुओं के कटने के लिए स्पेशल कसाईखाना

भारत के इतिहास का सबसे बुरा मुस्लिम शासकभारत के इतिहास का सबसे बुरा मुस्लिम शासक

भारत के इतिहास का सबसे बुरा मुस्लिम शासक- भारत पर जब विदेशी मुस्लिम शासकों का हमला शुरू हुआ तो वह समय वाकई हिंदुस्तान के हिन्दुओं के लिए बुरा समय था. हिन्दुओं ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके साथ अपने ही देश में ऐसा भयंकर अत्याचार हुआ करेगा. आज हम आपको सन 1399 के आसपास की कहानी बताते हैं जब भारत पर तैमूर लंग ने हमला किया था.

दरअसल तैमूरलंग के हमले का यह समय भारत के लिए तो सबसे बुरा था ही साथ ही साथ हिन्दुओं के लिए तो सबसे बुरा था. इस विदेशी मुस्लिम शासक की नजर सिर्फ और सिर्फ भारत के खजाने पर नहीं थी. वह ठान के आया था कि भारत जाकर हिन्दुओं का कत्लेआम आम करना है. हिन्दुस्तान की जनसंख्या को कम करना है और ज्यादा से ज्यादा से हिन्दुओं को मुसलमान बनाना है. तो आइये आपको आज हम तैमूरलंग के राज करने का समय बताते हैं जो हिन्दुओ के लिए सबसे बुरा समय था-भारत के इतिहास का सबसे बुरा मुस्लिम शासक

भारत के इतिहास का सबसे बुरा मुस्लिम शासक

तैमूर लंग सन 1398 में अफगानिस्तान में था. वह वहां जब लूट पाट कर रहा था तो यहाँ इसने दिल्ली के बारें में सुना था. इन्टरनेट पर जहाँ तैमूर के भारत आगमन की तारीख 1336 है तो वह गलत है. तैमूर ने भारत में आगमन 1399 में किया था. अफगानिस्तान में अपने सलाहकारों से पूछने के बाद तय हुआ था कि दिल्ली पर आक्रमण करते हैं और हिन्दुस्तान को हमेशा के लिए खत्म कर देते हैं.

इतिहासकार बताते हैं कि सबसे पहले तैमूर ने असपंदी नाम के गाँव को लूटा था और यहाँ हिन्दुओं के उन बच्चों को भी मारा था जो पेट में थे. इसके बाद पानीपत और हरियाणा के कैथल गाँवों को खत्म कर दिया गया था. तंदूर में हिन्दुओं को भूना जा रहा था. हिन्दू औरतों को सड़क पर ही उनके साथ गलत काम हो रहे थे. तैमूर बोल रहा था कि हिन्दू गलत धर्म को मानते हैं इसलिए इनके साथ ऐसा हो रहा है.

भारत के इतिहास का सबसे बुरा मुस्लिम शासक

तैमूर भारत में आने वाले विदेशी मुस्लिम शासकों में सबसे बुरा था. दिल्ली में जिन हिन्दुओं ने औरतों की इज्जत बचाने का प्रयास किया उन सभी को खत्म कर दिया था. हजारों छोटे-बड़े मंदिरों को तोड़ दिया गया था. दिल्ली में कसाई खाना शुरू किया था और यहाँ हिन्दुओं को जिन्दा काटा जा रहा था.

अब आप खुद बताइए कि इस तैमूर लंग के बारें में सच पढने के के बाद कौन वह भारतवासी होगा जो इसके इतिहास को आग नहीं लगा देगा. हमारा यहाँ बताया हुआ इतिहास बस हवाई बातें नहीं है बल्कि खुद पंजाब के जाने माने प्रोफ़ेसर राजीव लोचन भी कुछ ऐसा ही लिखते हैं. अब आप ही बताइए कि क्या इस तैमूर लंग का नाम भारत में आज इज्जत के साथ लिया जाना चाहिए? आपके जवाब आप हमें कमेन्ट बॉक्स के जरिये दे सकते हैं. आपके जवाबों का इन्तजार रहेगा.

 

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