गुजरात दंगों में पुलिस ने इतने सारे हिन्दुओं को मारी थी गोली और 50 हजार हिन्दू भरे गये थे जेल में- सनसनीखेज खुलासा

Gujarat riots 2002

Gujarat riots 2002- इस खबर को लिखने से पहले हम आपको बता दें कि यह आंकड़ा विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष रहे प्रवीण तोगड़िया ने एक बड़े टीवी चैनल को दिया था. इसलिए इन आंकड़ों की सत्यता प्रवीण तोगड़िया खुद हैं. इन आंकड़ों को बता कर हम किसी की धर्म की धार्मिक भावनाओं को भड़काना नहीं चाहते हैं.

साल 2002 में गुजरात दंगा इस भारत के लिए एक काले धब्बे के समान हैं. निश्चित रूप से भाई-भाई और भाईचारे की भावना को गुजरात में तार-तार कर दिया गया था और हिंदू मुस्लिम एक दूसरे के दुश्मन बन कर खड़े हो गए थे. आजादी के बाद स्वतंत्र भारत में साल 2002 में जो हुआ वह निश्चित रूप से सबसे बुरा दौर बोला जा सकता है. Gujarat riots 2002
Gujarat riots 2002

जिस तरीके से पहले कारसेवकों को समाज के किसी खास विचारधारा के लोगों ने उनके साथ बहुत निंदनीय काम किया था तो उसके बाद पूरे गुजरात में दंगे भड़क गए थे. सभी का ऐसा मानना था कि एक खास धर्म ने कारसेवकों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया था. यही कारण रहा कि देखते ही देखते गुजरात जलने लगा था और काला काला धुआं सारे भारत के ऊपर छा गया था.

Gujarat riots 2002

लेकिन 2002 के गुजरात दंगे निश्चित रूप से भारतीय संस्कार और भारतीय समाज के लिए काफी गलत थे. वह देश और वह संस्कृति जहां पर हिंदू और मुस्लिम एक ही घाट से पानी पीते हैं और एक ही जमीन से खाना खाते हैं उस देश में ऐसा होगा शायद इसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी.

Gujarat riots 2002

जो बीत गई सो बात गई, लेकिन आज तक एक धर्म ऐसा बोलता है कि गुजरात में हिंदुओं को अगर रोका जाता तो उस समय इतना अधर्म गुजरात में नहीं होता लेकिन विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख रहे प्रवीण तोगड़िया ने एक बहुत बड़े टीवी चैनल के शो पर खुद खुलासा किया था कि 2002 की घटना अयोध्या से लौट रहे 58 कारसेवकों को जलाने की वजह से हुई.

Gujarat riots 2002

जिन्होंने जिंदा जलाया उन्होंने ही दंगों का बीज बोया अगर हनुमान की पूंछ कोई जलाता है और लंका दहन हो जाती है तो इसके लिए हनुमान जिम्मेदार नहीं हैं, आग लगाने वाला जिम्मेदार है.

इसके आगे विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने बयान दिया कि गुजरात में उस समय 300 हिंदुओं को पुलिस ने गोली मारी थी और 50000 हिंदू जेल भेजे गए थे. दंगों में मुसलमान ही मरे हैं तो यह बिल्कुल सच नहीं है. 300 हिंदुओं को खुद पुलिस ने अपनी गोली से मारा है इस बात को कभी भूलना नहीं चाहिए.

तो अब यह बात कभी ना भूलें कि गुजरात दंगों में हिन्दुओं ने भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था. लेकिन इस बात को कोई सामने लेकर नहीं आता है.

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