आज का सबसे बड़ा सवाल- जिन्ना ने नहीं भारत बंटवारा तो गाँधी और नेहरू ने मंजूर किया था तो गाँधी जी की तस्वीर सबसे पहले उतार दो

Aligarh Muslim University

Aligarh Muslim University- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में अगर जिन्ना का एक फोटो लगा हुआ है तो उस जिन्ना के फोटो पर इतना विवाद ना जाने क्यों किया जा रहा है. आपको बता दें कि मोहम्मद जिन्ना कभी भारत का ही एक नागरिक हुआ करता था. अंग्रेज आए और मोहम्मद अली जिन्ना ने भी भारत को आजाद कराने के लिए देशभर में भ्रमण किया था लेकिन आज अचानक से ही भारत की मुस्लिम अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए बेमतलब में इतना विवाद किया जा रहा है.

कोई जिन्ना को देशद्रोही बोल रहा है तो कोई जिन्ना को भारत का दुश्मन बोल रहा है जबकि असल में मोहम्मद अली जिन्ना तो कभी भारत के दुश्मन ही नहीं रहे थे. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों मोहम्मद अली जिन्ना भारत के दुश्मन नहीं है और भारत के असली दुश्मन तो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरु साबित हो सकते हैं. Aligarh Muslim University

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इस खबर को पूरा पढ़ने से पहले यह जान लें कि हम मोहम्मद अली जिन्ना का बचाव बिल्कुल नहीं कर रहे हैं और गांधी और नेहरू की आलोचना तो सपने में भी सोच कर नहीं कर सकते हैं लेकिन एक व्यवहारिक प्रश्न यह है कि क्या भारत के बंटवारे को मोहम्मद अली जिन्ना ने पूर्ण रुप दिया था या फिर महात्मा गांधी अगर भारत के बंटवारे का प्रस्ताव स्वीकार ही नहीं करते तो आखिर कैसे भारत का बटवारा संभव हो सकता था?

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मोहम्मद अली जिन्ना तो भारत में ही रहा करते थे और वह भी जवाहरलाल नेहरु की तरीके से भारत का प्रधानमंत्री बनने का सपना देखा करते थे. भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बन गए थे जबकि उनको उस समय प्रधानमंत्री बनने लायक वोट भी नहीं मिल पाए थे.

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आपको बता दें कि जब महात्मा गांधी के निर्देशन में भारत की सभी कमेटियों से लोगों ने वोट दिए तो सरदार वल्लभ भाई पटेल को भारत का प्रधानमंत्री चुना गया था. लेकिन महात्मा गांधी ने जवाहरलाल नेहरू को भारत का प्रधानमंत्री बनाया था.

यह बात तो निश्चित रूप से आप सभी जानते ही होंगे लेकिन आपको बता दें कि जब मोहम्मद अली जिन्ना भारत के बंटवारे को लेकर जिद कर रहे थे तो उस समय इस जिद्द को सच करने का काम महात्मा गांधी ने किया था. अगर महात्मा गांधी किसी भी हालत में भारत के बंटवारे का प्रस्ताव नहीं मानते तो निश्चित रूप से आज भी भारत पूर्ण रुप से एक होता.

मोहम्मद अली जिन्ना को भारत का दुश्मन बनाया गया है लेकिन असल में मोहम्मद अली जिन्ना समझ गया था कि हिंदू मुस्लिम एकता को बनाए रखना भारत में मुश्किल होने वाला है यही कारण है कि शायद इसी कारण से पाकिस्तान का निर्माण किया गया था कि भारत के सभी मुसलमान पाकिस्तान चले जाएं और पाकिस्तान के सभी हिंदू भारत आ जाएं लेकिन जिन्ना की इस प्लान को स्वीकार किसने नहीं किया और क्यों नहीं किया इसका जवाब आप हमें निश्चित रूप से बेहतर रूप में दे सकते हैं.

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