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भारत के देशद्रोह के कानून के बारें में जानिए सबकुछ, पढ़िए देशद्रोह के अंतर्गत कौन कौन से काम आते हैं?

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( Treason and sedition law in india) भारत में देशद्रोह का कानून– आज हम आपको एक जरूरी बात बताने जा रहे हैं जो सभी के लिए बहुत जरूरी है. हर देश के अपने-अपने नियम और कानून होते है. जिन्हें जानना हर किसी के लिए जरूरी होता है. ज्यादातर लोगों को नहीं पता होता है कि जिस जगह वो हर रहा हैं वहां पर उसे किस दायरे में रहना है. खास तौर पर किसी देश में सबसे बड़ा अपराध देश द्रोह होता है. इसलिए हम आपको बताने जा रहे है कि भारत में देशद्रोह में कौन- कौन से काम आते है. और यदि कोई देशद्रोह में कर देता है. तो उसे क्या सजा मिलती है.

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जानिए देशद्रोह से जुड़ी सभी बातें | When was Sedition Act passed in India?

देशद्रोह के कानून को अंग्रेजो ने भारत में 1837 में लागू किया. भारत में गुलामी के दौरान अंग्रेज बहुत सारे एसे काम कर गए ज भारत के सही साबित हुए. इस कानून को थॉमस मौकॉल ने धारा 113 के तहत इस कीन बनाया जो भी भारतीय उनके खिलाफ प्रदर्शन करेंगा वो देशद्रोह के लिए जिम्मेदार होगा और उसे उसी वक्त जेल में डाल दिया जाएगा. इस तरह अंग्रेजो ने उनके खिलाफ जाने वालों को जेल में जाल दिया. इसके बाद 1860 में मूल भारतीय संहिता में देशद्रोह नहीं आता था इसलिए 1870 में ब्रिटिश सरकार ने भारतीय दंड संहिता में संशोधन कर दिया और उन्होंने धारा 124 ए में देशद्रोह को जोड़ दिया. इस कारण स्पष्ट रूप से माना जाता हैं 1870में भारत में देशद्रोह कानून को बनाया गया.

उस समय में देशद्रोह था जब कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ खड़ा हो जाता और उससे दंगे भी भड़क जाते थे,  अब भी ज्यादा बदलाव नहीं आया जानिए देशद्रोह में क्या आता है

  • देशद्रोह को IPC की धारा 124 ए में सम्मलित किया गया जिसमें इसें पूरी तरह से बताया गया है. साथ इसमें सजा का प्रावधान भी 124 ए में ही बताया गया.
  • जब कोई सरकार के खिलाफ कुछ भड़काऊ बोलता या लिखता है, वो देशद्रोह की श्रेणी में आता है.
  • किसी भी गलत आदमी के साथ रहने वाले भी अक्सर फंस जाया करते है, इसलिए जब कोई व्यक्ति सरकार के खिलाफ बोलने वाला का साथ देता है तो वो भी देशद्रोही कहलाता है.
  • कानून सभी के लिए सर्वोपरि है. संविधान सभी के लिए भगवान के समान होना चाहिए इसलिए संविधान का अपमान करना भी देशद्रोह माना जाता है.
  • देश की धरोधर उसके चिन्ह है राष्ट्रीय चिन्ह का अपमान करना देशद्रोह है.
  • भडकाऊ भाषण देने या लिखने से यदि दंगा भड़क जाए तो उसे कानून की नजरों में देशद्रोह माना जाता है.
  • राष्ट्र के गुप्त बातों को लीक करना सबसे बड़ा अपराध माना जाता है.

जानिए देशद्रोह करने वालो को सजा का प्रवाधान | History of sedition law in india

  • धारा 121 के अनुसार देश में युद्ध करानें वालो मृके खिलाफ सजा का प्रावधान है. यदि कोई युद्ध करता है या कराने में सहयोग करता है तो उसे 10 साल की, उम्रकैद यहां तक की फांसी भी हो सकती है.
  • धारा 122 में आपको बता दे कि इस धारा के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति देश में रहकर किसी भी आंतकी संगठन का साथ दे तो उसे 10 साल की सजा और उम्रकैद भी की जा सकती है.
  • 124 ए  में राष्ट्रपति और राज्यपाल पर अटैक करने वालो को अलग से सजा देने का प्रावधान है. आपको बता दे कि इस धारा के तहत दोषी को उम्रकैद की सजा हो सकती है. आपको बता दे कि इस धारा में भी यदि कोई ऐसा बोलता हैं जिससे दंगे भिड़ सकता है, सम्मलित है.

 

जानिए कुछ अभी तक के देशद्रोह के मुकदमें | Sedition and Treason

  • सबसे पहला देशद्रोह का मुकदमा अंग्रेजो ने गांधी जी के ऊपर किया. क्योंकि इन्होंने यंग इंडिया अखबार में अंग्रोजो के खिलाफ लिखा था.
  • यदि अब के समय की बात करें तो 2010 में बिनायक सेन पर नक्सल विचारधारा फैलाने का आरोप लगाते उन पर मुकदमा किया गया. बिनायक के साथ-साथ नारायण सान्याल और पीयुष गुहा को भी देशद्रोह में शामिल पाया गया और उम्रकैद की सजा सुनाई गई. हांलाकि बिनायक सेन को 2016 में रिहा कर दिया गया.
  • 2011 में काटूर्निस्ट असीम त्रिवेदी को उनकी साइट पर संविधान से खिलवाड़ करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया, उन्होंने संविधान से जुड़ी गंदी और भद्दी तस्वीरें बनाई थी.
  • 2012 में तमिलनाडु सरकार ने कुडनकुलम परमाणु प्लांट का विरोध करने वाले लगभग 7000 गांवो के लोगो पर देशद्रोह की धाराएं लगाई थी.
  • हाल ही में हार्दिक पटेल को पाटीदारों के लिए आरक्षणकी मांग को लेकर गुजरात पुलिस की ओर से देशद्रोह के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया.
  • 2016 में जेएनयू के एक छात्र कन्हैया कुमार को देश विरोधी नारें लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया गया. जिसके बाद अपराध सिद्ध ना होने के कारण उन्हें जमानत दे दी गई.

1 Comment

1 Comment

  1. submit

    January 4, 2019 at 7:42 am

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