चीन को पसंद आये हिन्दू रीति रिवाज, चीन में अब मरे हुए लोगों को हिंदू संस्कारों की तरह जलाया जायेगा, दफ़नाने पर लगी है रोक

चीन को पसंद आये हिन्दू रीति रिवाज

हर देश की अलग-अलग परंपराएं होती हैं. व्यक्ति के मृत्यु के बाद किसी देश में उसे जलाया जाता है तो किसी देश में उसे दफनाया जाता है.

लोगों की उसके प्रति मान्यता भी अलग होती हैं. चीन जैसे देश में भी एक मान्यता है जहां लोग मृत व्यक्ति को जलाने के बजाए उसे दफनाते हैं. इसके साथ ही उनका यह विश्वास है कि पूर्वजों का ताबूत घर पर रखने से उनका आशीर्वाद उन पर बना रहता है.

चीन को पसंद आये हिन्दू रीति रिवाज

लेकिन अब चीन में नया कानून आने की वजह से अब शव को दफनाने के बजाए उसे जलाया जाएगा.साथ ही लोगों से यह निवेदन किया गया कि घर में रखे गए ताबूत को वह सरकार को दे दे और ऐसा करने से उन्हें करीब 20,000 रूपए मिलेंगे.

चीन को पसंद आये हिन्दू रीति रिवाज
इसके बावजूद चीनी अधिकारियों ने लोगों के घरों में रखे ताबूत को तोड़ना शुरू कर दिया. जिससे कई लोग परेशान  हुए. यह देखते हुए सरकार ने अधिकारियों को थोड़ा कम सख्ती दिखाने को बोला है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन के राष्ट्रपति माओत्से तुंग शवों को दफनाने के विरोध में थे. उनका भी यह मानना था कि शव को दफनाने के बजाए उसे जलाया जाए. यहां तक की उन्होंने यह प्रस्ताव 1956 में रखा था. लेकिन कोई बेहतर परिणाम निकल कर नहीं आया.

चीन को पसंद आये हिन्दू रीति रिवाज
जिसकी वजह से शवों को दफनाया जाता रहा. माओ का भी दफनाया गया. लेकिन कई लोग अभी भी इसके विरोध में खड़े हैं और लोगों का साथ मीडिया भी दे रही है. चीन के अखबार पीपुल्स डेली का यह कहना है कि शवों को जलाने वाला फैसला बेहद सख्त है.
चीन को पसंद आये हिन्दू रीति रिवाज
शियामेन यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर जोउ झेनडोंग कहते हैं कि चीन की संस्कृति में पूर्वजों की पूजा करने की की परंपरा है और ऐसे में जियांग्शी सरकार नए नियम लागू करने में अड़ी है. दरअसल सरकार ने यह फैसला जगह कम होने की वजह से लिया है.

चीन के कब्रिस्तानों में अब शवों को दफनाने के लिए बहुत कम जगह बची है. इसलिए चीनी सरकार को यह कठिन फैसला लेना पड़ा. देखा जाए तो यह लोगों की भलाई के लिए ही फैसला लिया गया है. आपको यह फैसला कैसा लगता है यह हमें जरूर बताएं? (जया कुमारी डेमोक्रेटिक वोइस ऑफ इण्डिया)

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*