कश्मीर के पत्थरबाजों को लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसी का बहुत बड़ा खुलासा, उत्तर प्रदेश और गुजरात पुलिस को भेजा गया रेड अलर्ट

Kashmiri youth pelting stones

Kashmiri youth pelting stones– कश्मीर में पत्थरबाजों को लेकर अब भारत की सरकार काफी सख्त हो गई है. आपको बता दें कि जब भारतीय जनता पार्टी ने कश्मीर में महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस लिया तो उसी समय इस बात का खुलासा हो गया था कि शायद अब कश्मीर को साफ करने का समय आ गया है.

लगातार जिस तरीके से कश्मीर में पत्थरबाजी हो रही है और सेना के जवानों के ऊपर हमले हो रहे हैं तो उसको लेकर भारत की सरकार अब काफी सख्त हो चुकी है. इसी का नतीजा है कि सरकार गिरने के मात्र 2 दिन बाद ही इस बात का खुलासा हो गया है कि कश्मीर में जो लोग उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से नौकरी करने आते हैं उनका इस्तेमाल नौकरी की जगह पर पत्थरबाजी करने में किया जा रहा है.

Kashmiri youth pelting stones

यह बात काफी गंभीर है क्योंकि निश्चित रूप से बाहर के राज्यों से जिन लोगों को बुलाकर पत्थरबाजी की जा रही है उसके पीछे एक बहुत बड़ी सोची समझी साजिश नजर आ रही है. निश्चित रूप से कश्मीर के लोग जो पत्थरबाजी करवाते हैं वह काफी बड़ा गैंग बनाकर काम कर रहे हैं. इसीलिए शायद कश्मीर के बाहर से पत्थरबाजों को अब खरीद कर बुलाया जा रहा है और उनसे पत्थर बरसा कर वापस से अपने राज्यों में भेज दिया जाता है. इससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है. आइये आपको बताते हैं कि अब किस तरीके से इन पत्थरबाजों के खिलाफ भारत की सरकार और सेना कार्यवाही करने वाली है-

Kashmiri youth pelting stones

मतलब ये मुस्लिम नौजवान कुछ सोचते नहीं है क्या

इस तरीके की खबरें मिल रही है कि सेना ने कोई दो या तीन ऐसे मुस्लिम जवानों को गिरफ्तार किया है जो कश्मीर के नहीं है बल्कि कश्मीर में नौकरी करने आए थे और यह मुस्लिम नौजवान सेना के ऊपर पत्थर बरसाने का काम करने लगे थे.

Kashmiri youth pelting stones

आपको बता दें कि एक नौजवान उत्तर प्रदेश के मेरठ, बागपत जैसे शहरों से आए हुए हैं और जब इनको कश्मीर लेकर आया जा रहा था तो इनको बोला गया था कि यह यहां पर नौकरी करके पैसा कमा सकते हैं लेकिन इनको जल्द ही हाथों में पत्थर लेकर सड़कों पर उतार दिया गया था और यह मुस्लिम नौजवान भी बिना किसी को उसके सेना के ऊपर पत्थरबाजी करने लगे थे.

Kashmiri youth pelting stones

अब सवाल यह उठता है कि क्या मुस्लिम नौजवानों में अपना दिमाग नहीं होता है कि वह कश्मीर में नौकरी के नाम पर इस तरीके का काम करने लग जाते हैं?

बाद में जब नौजवानों की पहचान हुई और उनको गिरफ्तार किया गया तो यह खुलासा हुआ है कि अब पत्थर बरसाने के लिए गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से मुस्लिम नौजवानों को कश्मीर लाया जा रहा है.

निश्चित रूप से सेना मुख्य काम पत्थरबाजी करने वाले नौजवानों की पहचान करना है और उनको जेल में डालना है. जो सेना का डर इन नौजवानों की दिल से खत्म हुआ है अब उसको एक बार फिर से इन नौजवानों के दिल में डालना ही सेना का मुख्य काम होना चाहिए और यदि एक बार कश्मीर में पत्थरबाजी रुक जाती है तब निश्चित रूप से यह एक बहुत बड़ी कामयाबी बोली जाएगी.

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