किस्सा 6 अगस्त 1947 का- भारत की आज़ादी से 9 दिन पहले मोहम्मद अली जिन्ना ने इस आदमी के सामने बनाया था भारत के टुकड़े-टुकड़े कर देने का प्लान

मोहम्मद अली जिन्ना और भारत के टुकड़े-टुकड़े

मोहम्मद अली जिन्ना और भारत के टुकड़े-टुकड़े- भारत, आज पाकिस्तान को भारत का पड़ोसी देश बोला जाता है. लेकिन जरा धैर्य से सोचा जाए तो पाक भारत का हिस्सा है ना कि वह भारत का पड़ोसी देश है. मोहम्मद अली जिन्ना को महात्मा गाँधी पहचान नहीं पाए थे. जो महात्मा को धोखा दे सकता है तो भला ऐसे में वह किस आदमी का हो सकता है.

आइये आपको आज हम जिन्ना से जुडी एक ऐसी ही अनसुनी कहानी सुनाते हैं जिसके बाद यह साबित हो जायेगा कि जिन्ना सत्ता का कितना भूखा था और भारत से बिलकुल प्यार नहीं करता था-  मोहम्मद अली जिन्ना और भारत के टुकड़े-टुकड़े

मोहम्मद अली जिन्ना और भारत के टुकड़े-टुकड़े

किस्सा 6 अगस्त 1947 का

6 अगस्त 1947, यानी की आजादी से कुछ दिनों पहले की यह बात है. 10 औरंगजेब रोड पर एक मीटिंग चल रही थी. इस मीटिंग में मोहम्मद अली जिन्ना पाकिस्तान को और बढ़ाने और भारत के टुकड़े-टुकड़े कर देने का प्लान बना रहा था.  इस बात का खुलासा जिन किताबों में किया गया है वह किसी छोटे आदमी के नाम के साथ नहीं किया है. बल्कि इस समय यानी 6 अगस्त को जोधपुर रियासत के राजा अली जिन्ना के सामने बैठे हुए थे.

मोहम्मद अली जिन्ना से जोधपुर रियासत के राजा बोलते हैं कि यदि जोधपुर पाकिस्तान में शामिल होता ही तो इसके बदल जोधपुर को क्या मिलने वाला है. मोहम्मद अली जिन्ना चाहता था कि पकिस्तान तो इसको मिल ही गया ही अब भारत के टुकड़े-टुकड़े कर दो. जो रजवाड़े अभी स्वतंत्र हैं उनको पाक में मिला लो.

मोहम्मद अली जिन्ना और भारत के टुकड़े-टुकड़े

तभी जोधपुर के राजा से जिन्ना ने बोला था कि मैं मोहम्मद अली जिन्ना, आपको एक कोरा कागज देता हूँ. इस पर आपको जो लिखकर मांगना है वह आप मांग लो. आपकी सभी शर्तों को मंजूर कर लिया जायेगा. लेकिन जोधपुर के राजा को बस यही शक था कि अगर हम पाक में शामिल हुए और तब कभी हिन्दू मुस्लिम झगडे हुए तो क्या वह खुद को धर्मनिरपेक्ष साबित कर पायेंगे.

इस सवाल पर जिन्ना ने चुप्पी रख ली थी. लेकिन जिन्ना चाहता था कि जोधपुर भी पाक में शामिल हो जाये ताकि भारत के बीच में जो भारत का दिल है वहां भी पाकिस्तान का निर्माण हो और भारत के टुकड़े-टुकड़े कर दिए जाएँ. लेकिन जोधपुर के राजा ने इसके ऊपर हस्ताक्षर ना करके, जिन्ना को नाराज कर दिया था.

जिन्ना कभी भारत के प्रति देशभक्त बनकर रहा ही नहीं था. जिन्ना का सपना शुरू से ही जैसे इस देश के टुकड़े-टुकड़े कर देना था और इस कहानी से यह बात साबित भी हो जाती है. आपको क्या लगता है कि क्या जिन्ना भारत से प्यार करता था? आपके जवाब आप हमें कमेन्ट बॉक्स के जरिये जरुर भेजें और इस लेख को शेयर करना ना भूलें.

 

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One Comment

  1. Agar India ke tukde na hote to aaj India duniya ka no1 desh khalata

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