स्वामी विवेकानंद जी की 5 महत्वपूर्ण बातें जो मिनट भर में दूर कर देती हैं व्यक्ति की चिंता और तनाव

Swami Vivekananda

Swami Vivekananda– स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में हुआ था. इनका जन्म दिवस युवा दिवस के रुप में मनाया जाता है. स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन काल में बहुत से नेक काम किए. जहां सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण इनके नेक विचार थे. उच्च विचार की धारा से इन्होंने कई लोगों को  प्रेरित किया.

भटके  लोगों को रास्ता दिखलाया निराश लोगों को आशा की एक नई  किरण दिखाया. आइए जानते हैं इनके लिए पांच महत्वपूर्ण बातें जिससे हर छात्र मिनट भर में अपनी चिंता और तनाव दूर कर लेता है.

 

जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी

जीवन के लिए जरूरी है कि आप तनावमुक्त रहे लेकिन इसका यह तात्पर्य नहीं है कि आप संघर्ष करना छोड़ दें संघर्ष बहुत जरूरी है यही वजह है कि स्वामी जी कहते हैं क्या आप जितना बड़ा संघर्ष करेंगे उतना ही आपका जीवन शानदार होगा तो और यह परीक्षा जो है आपकी यह एक संघर्ष है.

 

उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तमु अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते

स्वामी विवेकानंद जी इस बात पर जोर देते हैं कि आप उठो जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते अगर स्वामी जी के इन चंद लाइनों पर नजर डालें तो आपको सब समझ में आ जाएगा कि अगर जिस व्यक्ति ने अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का निश्चय कर लिया वह ना कभी रुक सकता है या नहीं थक सकता है तो इसलिए परीक्षा एक मार्ग है आपके लक्ष्य को प्राप्त करने का तो इस मार्ग पर आप निर्भीक होकर चलें और अपने लक्ष्य को प्राप्त करें.

 

लोग तुम्हारी स्तुति करें या निन्दा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारा देहांत आज हो या युग में, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो

स्वामी जी का यह भी कहना है कि लोग तुम्हारी तारीफ करें या निंदा करें हमारे परिश्रम से हमें उसका फल मिल पाए या ना मिल पाए लेकिन हमें कभी भी परिश्रम करने से पीछे नहीं हटना चाहिए और ना ही हमें मंजिल पाने के लिए कोई गलत कार्य कदम उठाना चाहिए. मैं हमेशा सच्चाई के पथ पर चलना चाहिए.

 

जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते

स्वामी विवेकानंद जी का यह कहना है कि आप लोग जब तक अपने अंदर विश्वास नहीं रखते हैं तब तक आप भगवान पर भी विश्वास नहीं कर सकते क्योंकि किसी भी कार्य को करने के लिए आपके अंदर एक दृढ़ निश्चय और विश्वास का होना बहुत जरूरी है जो आपके कार्य को पूर्ण करने में मदद करता है. और यही मदद आप भगवान से उम्मीद करते हैं कि वह आपके हर कार्य को सफल कर दें लेकिन सफलता आपको तभी मिलेगी जब आप को अपने अंदर विश्वास हो कि वह काम आप कर सकते हैं.

 

पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान. ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है.

स्वामी जी ने सफलता प्राप्त करने के लिए एक बात साफ साफ  यह बताई है कि अगर हमें अपना परिणाम पूर्ण रूप से चाहिए तो यह जरूरी है कि हम उस कार्य को करते वक्त अपना ध्यान एकत्रित करें और वह ध्यान तभी एकत्रित हो सकता है जब हम अपने आप पर संयम रखकर हम अपने इंद्रियों को  अपने वश में कर के रखे. ताकि वह हम पर हावी ना हो सके.

 बेशक आप की जिंदगी में कई सारी  दिक्कतें होंगी और कई सारी परेशानियां भी झेलनी पड़ सकती है लेकिन एक बार स्वामी विवेकानंद जी के विचार पढ़कर आप हर परेशानी से मुक्त हो सकते हैं इसलिए  इस आर्टिकल को पढ़कर अपने जीवन में लागू करने की कोशिश करें ताकि आपको आपके जीवन में बिजली परिणाम मिल सके.

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