सनसनीखेज खुलासा इस हिन्दू राजा ने अकबर की सेना को मिला दिया था धूल में, नाम सुनते ही पानी मांगने लगा था अकबर

हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता था

भारत की धरती ने वाकई काफी युद्ध झेले हैं. यही कारण है कि कभी भी सनातन धर्म में अहिंसा का जिक्र नहीं किया है. अपनी जमीन को बाहरी योद्धाओं से बचाने के लिए कई हिन्दू योद्धाओं ने प्राणों को न्योछावर तक कर दिया है. आज जो भारत की तस्वीर नक्शे पर नजर आती है वह पहले के कई नक्शों से एक दम अलग है. पहले हिन्दुस्तान का विस्तार काफी अलग बताया गया लेकिन बाहरी योद्धाओं से लड़ते-लड़ते कई बार हिन्दुस्तान टूटा और बिखरा है.

आज हम आपको हिन्दुओं के एक ऐसे योद्धा की कहानी बताने वाले हैं जो अगर अकबर एक समय नहीं होता या फिर मुग़ल समय में नहीं होता तो भारत शायद और भी छिन्न-भिन्न नजर आ सकता था. 9 मई 1540 को राजस्थान के कुम्भलगढ़ में महाराणा प्रताप का जन्म दुआ था. आज हम आपको महाराणा के ऐसे ही एक किस्से को सुनाते हैं जिसकी वजह से अकबर भी महाराणा के नाम से थर-थर काँप जाता था- हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता था

हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता था

हल्दी घाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की हुई थी जीत

1576  को हल्दी घाटी का युद्ध हुआ था ऐसा इतिहास में लिखा हुआ है.लेकिन हल्दीघाटी युद्ध में अकबर या महाराणा प्रताप कौन जीता था इसको लेकर बड़ा विवाद है. ऐसा बोला जाता है कि अकबर ने यह युद्ध जीता था लेकिन राजस्थान विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय में उदयपुर के मीरा कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर और इतिहासकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने अपनी रिसर्च में कहा है कि इस युद्ध में महाराणा प्रताप ने जीत हासिल की थी.

हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता था

अगर अकबर हल्दीघाटी का युद्ध जीता होता तो मुगल सेनापति मान सिंह और आसिफ खां को दरबार में ना जाने की सजा क्यों देता? इस सवाल को इतिहासकार चन्द्र शेखर शर्मा अधिकतर उन लेखकों से पूछते हैं जो यह बोलते हैं कि हल्दीघाटी का युद्ध अकबर ने जीता था.

हल्दीघाटी का युद्ध किसने जीता था

सपना भी देख पानी मांगने लगता था अकबर

इतिहास में ऐसा बताया है कि कि अगर हल्दी घाटी का युद्ध जीतता तो वह अपने सेनापतियों और सेना को जरुर सम्मानित करता. लेकिन महाराणा प्रताप से अकबर इतना डरता था कि वह सपने में इस नाम को सुनते ही पसीना-पसीना हो जाता था. कई बार वह महाराणा प्रताप का सपना देख पानी मांगते हुए बताया गया है.

वहीँ एक सबूत यह भी है कि गाँव वालों को पट्टे जारी करने का काम जीते हुए राजा का होता है. हल्दीघाटी युद्ध के बाद यह पट्टे महाराणा प्रताप जारी कर रहे थे. कई बड़ी और देश की मानी हुई हस्तियों ने यही लिखा है कि हल्दीघाटी युद्ध में मात्र 20 हजार राजपूतों ने महाराणा के नेतृत्व में 80000 मुगलों को धूल में मिला दिया था.अब हल्दीघाटी युद्ध से जुड़े कुछ सबूत आपके पास हों जो यह बताते हों कि अकबर की सेना यह युद्ध जीती थी तो हमें जरुर बतायें. आपके जवाबों का हमको इन्तजार रहेगा.

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