पढ़िए रहस्मयी सवाल का जवाब- आखिर क्यों कांग्रेस सहित भारत देश की सभी राजनैतिक पार्टियाँ आरएसएस यानी खाकी पेंट वाले संघ से डरती हैं

CONGRESS VS RSS

CONGRESS VS RSS– राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कोई एक राजनीतिक पार्टी या राजनीतिक दल नहीं है लेकिन इसके बावजूद भी लगातार संघ राजनीतिक लोगों के बीच खबरों में बना रहता है. अक्सर कांग्रेस पार्टी के उच्च पद पर बैठे लोग या अन्य राजनीतिक पार्टी के नेता संघ की आलोचना करते हुए नजर आते हैं.

कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता संघ यानी कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से डरते हैं. इनका डर न जाने किस वजह से कई बार इतना बढ़ जाता है कि यह संघ को अपशब्द भी बोलते हुए नजर आते हैं.

तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों भारत में कांग्रेस पार्टी सहित सभी राजनीतिक पार्टियां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से इतना डरती हैं-

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आजादी के बाद से सबसे बड़ा संघठन है संघ

दरअसल आजादी के बाद अगर कोई समूह संगठन अपना वर्चस्व बचा कर रख पाया है तो उसका नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है. ऐसा नहीं है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का हर काम ही सही बोला जा सकता है, यहां संघ के समर्थन में यह लेख बिल्कुल लिखा जा रहा है, ऐसा बिलकुल नहीं है, लेकिन जिस तरीके से आजादी के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपना वर्चस्व बचा कर रखा है तो उसी का नतीजा है कि आज भारत के लोगों के बीच में संघ के प्रति विश्वास बना हुआ है और इसी विश्वास की वजह से देश की सभी राजनीतिक पार्टियां संघ को नीचा दिखाने के लिए काम करती हुई नजर आती हैं.

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देश में आपातकाल के समय कांग्रेस ने देखी संघ की ताकत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता उस समय जेल में 19 महीनों के लिए डाल दिए गए थे जब इंदिरा गांधी की सरकार ने देश में आपातकाल लगाया था. उस समय राष्ट्रीय स्वयं संघ के कार्यकर्ताओं की एकता साफ साफ नजर आई थी और इसी एकता की वजह से आज भी देश की सभी दूसरी राजनीतिक पार्टियां संघ से डरती हैं क्योंकि अगर इसी एकता को नहीं तोड़ा गया तो आगामी चुनावों में यह एकता सभी राजनीतिक पार्टियों को हानि पहुंचाती हुई नजर आ सकती है. यही कारण है कि लगातार कोशिश की जाती है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को तोड़ा जाए या फिर उनकी आलोचना करके लोगों के दिल में संघ के प्रति नफरत फैलाई जा सके.

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कार्यकर्त्ता बनवा रहे हैं बीजेपी की सरकार

स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता बिना किसी पैसे और बिना किसी लालच के लिए संघ के लिए काम करते हुए नजर आते हैं. यही कारण है कि जिस भी राज्य में संघ के कार्यकर्ताओं को जो काम दिया जाता है वह उसे पूरी ताकत और पूरी ईमानदारी से करते हैं.

अभी हाल ही के समय में जिस तरीके से उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा सीटें जीती है तो उसके अंदर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान था, इसी तरीके से मध्यप्रदेश, हरियाणा जैसे राज्यों में भी संघ के कार्यकर्ता लगातार काम कर रहे हैं.

यही कारण है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बढ़ती हुई ताकत को देखकर सभी राजनीतिक पार्टियां अब संघ से डरती हुई नजर आ रही हैं.

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