लोकसभा चुनाव 2019- इन 2 मुद्दों पर जनता हुई नरेन्द्र मोदी से नाराज, इनकी वजह से होगी 2019 में नरेन्द्र मोदी की करारी हार

BJP lok sabha Election 2019

BJP lok sabha Election 2019- 2019 के चुनावों को लेकर भारत में अभी से सरगर्मियां तेज हो गई हैं. सभी पार्टियां चाहती हैं कि 2019 के लोकसभा चुनावों में वह जोरदार वापसी करें. जिस तरीके के चुनाव पिछले लोकसभा के रहे थे और नतीजे नरेंद्र मोदी के पक्ष में आए थे तो उससे भारत की अधिकतर राजनीतिक पार्टियां हैरान रह गई थी.

वहीं कई भारत की राजनीतिक पार्टियां ऐसी भी है जिनका अस्तित्व जैसे कि खतरे में आ गया है. ऐसे में साल 2019 के चुनाव उनके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. अगर 2019 के चुनावों में कांग्रेस, बहुजन समाजवादी पार्टी, समाजवादी पार्टी,  तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियां एक होकर चुनाव लड़ती हुई नजर आ रही है तो इसके पीछे एक मुख्य कारण उनका डर भी है. BJP lok sabha Election 2019

BJP lok sabha Election 2019

सभी पार्टियां जानती हैं कि अगर वह अलग-अलग होकर चुनाव लड़ेंगे, तो इससे बहुत बड़ा फायदा नरेंद्र मोदी और बीजेपी को होने वाला है. यही कारण है कि सभी पार्टियां एक तीसरा दल बनाती हुई नजर आ रही हैं. जो अगले लोकसभा चुनाव में एक साथ होकर नरेंद्र मोदी को हराने की कोशिश करता हुआ नजर आएगा.

BJP lok sabha Election 2019

वही आपको बता दें कि देश की जनता का मन भी कुछ हद तक तो इस समय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खत्म हो गया है. इस मोह के खत्म होने का एक जो सबसे महत्वपूर्ण कारण है वह यही यह है कि जिस तरीके से नरेंद्र मोदी और बीजेपी ने देश के ऊपर जीएसटी थोपा है, तो उससे लोगों का आम जीवन और छोटे छोटे काम भी खतरे में पड़ गए हैं.

BJP lok sabha Election 2019

इस समय देश की अर्थव्यवस्था बेशक सरकारी आंकड़ों में बड़ी तेजी से ऊपर की ओर बढ़ती हुई नजर आ रही है लेकिन जीएसटी का सीधा सीधा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ा है. जिन्होंने नरेंद्र मोदी से प्रोत्साहन लेकर अपना स्टार्टअप काम शुरू किए थे. इस समय उनके स्टार्टअप बंद होने की कगार पर खड़े हुए हैं और किसी भी तरीके की सरकारी मदद छोटे कामगारों को सरकार करती हुई नजर नहीं आ रही है.

BJP lok sabha Election 2019

यह एक ऐसा कारण है जो शायद 2019 के लोकसभा चुनावों में एक बहुत बड़ा मुद्दा बनने वाला है. विपक्ष जानता है कि अगर इस मुद्दे को भुना लिया जाए तो 2019 में चुनाव के अंदर मोदी और बीजेपी को हरा कर फिर से सत्ता में वापसी की जा सकती है. यही कारण है कि लगातार कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी भी अब देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के ऊपर बात कर रहे हैं.

नरेंद्र मोदी की सरकार ने युवाओं के लिए जिस तरीके के रोजगारों की बात और वादे पिछले चुनाव के समय किए थे तो उन चुनाव में वादे पूरे नहीं हुए हैं. निश्चित रूप से जीएसटी के बाद अगर कोई मुद्दा छाया हुआ है तो रोजगार है. रोजगार भी एक ऐसा कारण हो सकता है जो वह अगले आम चुनावों में बीजेपी के विजय रथ को रोकता हुआ नजर आ सकता है. देखना होगा कि किस तरीके से जीएसटी और रोजगार के मुद्दे को विपक्ष भुना पाता है.

भारत का विपक्ष अगर इन दोनों मुद्दों के ऊपर सही तरीके से अपनी राय नहीं रख पाता है और जनता को विश्वास में नहीं ला पाता है तो निश्चित रूप से यह है विपक्ष की हार मानी जाएगी.

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