आज फूट-फूटकर अपनी किस्मत पर रो रहे हैं माननीय लाल कृष्ण आडवानी, कोई हालचाल भी पूछने वाला नहीं बचा बीजेपी में अब

Pranab Mukherjee Rss Event

Pranab Mukherjee Rss Event– राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में आज ढोल नगाड़े बज रहे हैं. आपको बता दें कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय पहुंचकर वहां से देशभर को एक नया संदेश देंगे.

बीजेपी और आरएसएस दोनों के ही नेता इस समय काफी खुश हैं क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अगर संघ के कार्यालय पहुंच रहे हैं तो निश्चित रूप से यह एक बहुत बड़ा दिन है. बेशक इससे किसी भी तरीके का प्रत्यक्ष लाभ तो बीजेपी और संघ को नहीं मिलेगा लेकिन इतना जरूर होगा कि अब संघ को समझने के लिए कई और भी लोग सामने आएंगे.

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पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, संघ मुख्यालय से संघ के कार्यकर्ताओं और देश को संबोधित कर रहे हैं तो निश्चित रूप से पार्टी और संघ दोनों के लिए एक बड़ा दिन है लेकिन वहीं दूसरी तरफ आपको बता दें कि बीजेपी पार्टी अपनों का ही अपमान करने पर भी तुली हुई है. आइए आपको बताते हैं कि क्यों आखिर आज के दिन बीजेपी के भीष्म पितामह लालकृष्ण आडवाणी काफी दुखी होंगे-

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बीजेपी में कोई लाल कृष्ण आडवानी का हालचाल भी नहीं पूछता है

एक तरफ जहां प्रणब मुखर्जी बीच अब राजनीति से दूर है तो इसके बावजूद भी संघ और बीजेपी इन को अपने घर बुलाकर अपने लिए मान सम्मान की बात समझ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ लालकृष्ण आडवाणी जो इस समय भारतीय जनता पार्टी के भीष्म पितामह बोले जा सकते हैं उनको कोई पूछ भी नहीं रहा है.

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एक तरह से बीजेपी ने उनको संन्यास लेने पर मजबूर कर दिया है. यही देखकर लालकृष्ण आडवाणी काफी दुखी होंगे कि बीजेपी और संघ के लोग अपने घर के लोगों को तो कुछ समझ नहीं रहे हैं और बाहर ही लोगों को बुलाकर जरूर अपना मान सम्मान समझ रहे हैं.

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लालकृष्ण आडवाणी को इस समय भारतीय जनता पार्टी और संघ ने जैसे पूरी तरीके से दरकिनार कर दिया है इस तरीके से लालकृष्ण आडवाणी को दरकिनार करना शायद इनको खुद भी रास नहीं आ रहा होगा.

एक समय जिस भारतीय जनता पार्टी को कोई भारत में पूछता नहीं था उस पार्टी को सत्ता में लाने का काम लालकृष्ण आडवाणी ने भी किया है. लाल कृष्ण आडवाणी भारत देश के उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं और उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के लिए अपना बलिदान दिया था.

लेकिन आज यह देखकर लालकृष्ण आडवाणी निश्चित रुप से काफी दुखी होंगे कि घर के लोग अब उनको पूछ नहीं रहे हैं और घर से बाहर के लोगों को बुलाकर उनको इतना मान सम्मान दिया जा रहा है.

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