ढोंगी बाबा रामपाल के पास कभी खाने को नहीं हुआ करती थी रोटी, मामूली का सरकारी नौकर ऐसे बना संत रामपाल

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संत रामपाल जो कभी हरियाणा में लोगों के बीच में पूजा जाता था और भगवान माना जाता था आज दोषी करार दे दिया गया है. 2 लोगों की हत्या के केस में अब संतराम को सजा होनी पक्की हो गई है और इसी के बाद से भक्तों का गुस्सा एक बार फिर से उबाल मार रहा है. आज जेल में अदालत लगाई गई और संत रामपाल को उसके पापों के लिए दोषी ठहराया गया है.

आपको बता दें कि साल 2014 में जब रामपाल के ऊपर कार्रवाई करने पुलिस गई थी तो उस समय पुलिस और भक्तों की झपड़ हुई थी. आश्रम के अंदर दो महिलाओं की मौत हो गई थी. इस मौत का जिम्मेदार संत रामपाल को ठहराया गया है और इसी के लिए रामपाल को दोषी करार दिया गया है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब रामपाल मामूली सी नौकरी किया करता था. आइए आपको बताते हैं कि कैसे एक मामूली सा सरकारी नौकर अचानक से ही करोड़ों का मालिक बन जाता है-

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रामपाल की दौलत अचानक से ही करोड़ों की हुई है

रामपाल कभी हरियाणा में सिंचाई विभाग के अंदर इंजीनियर हुआ करता था. यह सरकारी इंजीनियर एक मामूली सी नौकरी करता था और सरकार से जो पैसे मिलते थे उसी से घर परिवार पालने में व्यस्त था. किसी को नहीं पता था कि रामपाल अचानक से ही करोड़पति बनने वाला है और हरियाणा राज्य के अंदर जल्द ही रामपाल को भगवान मान लिया जाएगा।

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पढ़ाई पूरी करने के बाद रामपाल ने हरियाणा सरकार के अंदर सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर की नौकरी प्राप्त कर ली थी. नौकरी के दौरान रामपाल एक बार कबीरपंथी संत स्वामी रामदेव आनंद महाराज जी से मिला था. रामपाल, रामदेव आनंद के शिष्य बन गए और 21 मई 1995 को संत रामपाल ने 18 साल की अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर सत्संग करना शुरू कर दिया था.

बाबा रामपाल केस- जज साहब के सामने हाथ जोड़कर जमीन पर बैठा रामपाल

जैसे ही संत रामपाल बाबा बना तो लगातार इसकी ख्याति लोगों में फैलती गई और इसके अनुयाइयों की संख्या बढ़ती गई.

कमला देवी नाम की एक महिला ने रामदास महाराज को आश्रम के लिए जमीन दे दी और 1999 में बंदी छोड़ ट्रस्ट की सहायता से रामपाल महाराज ने सतलोक आश्रम की नींव रखी थी.

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बस यहाँ से रामपाल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और इस धीरे-धीरे लोगों की संख्या बढ़ती गई और यह रामपाल करोड़ोंका मालिक बन गया.

एक दिन ऐसा आया जब रामपाल खुद को भगवान मानने लगा. लोगों में इसकी पूजा होने लगी और इसी के बाद ही रामपाल की संपत्ति में अचानक से बहुत बड़ा उछाल आया और एक मामूली सा सरकारी नौकर अचानक से करोड़पति बन गया.

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