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हिमाचल चुनाव 2017- मोदी-राहुल में इस नेता की होने वाली है ऐतिहासिक रिकार्ड जीत, टूट जायेंगे सारे रिकार्ड

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017 

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017 – हिमाचल प्रदेश का चुनाव जिस तरह से नजदीक आ रहा है उसके बाद प्रदेश में चुनाव में माहौल भी गर्म हो रहा है. बीजेपी को हिमाचल चुनाव में रणनीति बदलनी पड़ी है और इस बार मुख्यमंत्री का नाम घोषित कर दिया गया है. कहीं ना कहीं हिमाचल प्रदेश की हवा बीजेपी-कांग्रेस के पक्ष में बराबर दिख रही है. सर्वे और चुनाव के नतीजों में अंतर होता है और जनता ने कई बार साबित भी किया है.

प्रधानमन्त्री मोदी लगातार हिमाचल प्रदेश में चुनावी रैली कर रहे हैं और अपनी नीतियों को लेकर सफाई देते हुए दिख रहे हैं. कहीं ना कहीं जिस तरह से मोदी कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं उसके बाद ऐसा लग रहा है कि मोदी जनता का मूड जाँच रहे हैं. मोदी जानते हैं कि जनता का मूड पहले से खराब है. इसलिए 15 लाख और गरीबों को सपने कम दिखाए जा रहे हैं. इस बार मोदी मुद्दों पर नहीं बल्कि व्यक्ति-पार्टी की राजनीति ज्यादा कर रहे हैं.

अभी तक बेशक ओपिनियन पोल कांग्रेस के खिलाफ जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस ने मोर्चा संभाले हुआ है. यही कारण है कि बीजेपी को अपने बड़े कद्दावर नेताओं को चुनावी मैदान में उतारना पड़ा है. अभी जितने भी ओपिनियन पोल आये हैं वह सभी बीजेपी के पक्ष में हैं. लेकिन जनता पोल की हवा निकालना जानती है. तो आइये एक बार इंडिया टुडे ग्रुप और ऐक्सिस माई इंडिया पोल पर नजर डाल लेते हैं-  हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017 

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017 

इंडिया टुडे ग्रुप और ऐक्सिस माई इंडिया पोल 

कुल सीटें- 68

बीजेपी- 43 से 47 सीटें

कांग्रेस- 21 से 25 सीटें

अन्य-  0 से 2 सीटें

हिमाचल प्रदेश चुनाव 2017 

बीजेपी को यहाँ हुआ है सबसे बड़ा फायदा 

बीजेपी को सबसे बड़ा फायदा हिमाचल चुनाव में कांग्रेस के अंदर पड़ी फूट का हो रहा है. राहुल गाँधी जैसा नेता हिमाचल में प्रचार नहीं कर रहा है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अकेले मोर्चा लिए हुए हैं और जनता को विश्वास दिला रहे हैं कि वह जनता के लिए काम करते रहेंगे. लेकिन सूत्रों की मानें तो पार्टी में कुछ भी सही नहीं है और इसी का फायदा चुनाव में बीजेपी को होने वाला है.

 

हिमाचल प्रदेश में जनता से बात करने पर पता चल रहा है कि कमल के प्रति कैमरे पर जनता साफ़ है लेकिन ऐसा कई बार हुआ है  कि जिसका नाम कैमरे पर लिया जाता है मशीन का बटन उसके खिलाफ का दबाया जाता है. किन्तु जिस तरह से कांग्रेस ने हिमाचल चुनाव में खुद हथियार गिराये हैं वह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. जनता के पास हिमाचल प्रदेश चुनाव में विकल्प की भारी कमी है.

 

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