Connect with us

इतिहास

भारत का इकलौता ऐसा बहादुर राजा जिसने युद्ध के समय भारत की सेना को 1500 करोड़ रूपये दान कर दिए थे, प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री खुद लेने गए थे इतने पैसे

mir-osman-ali-khan

Mir Osman Ali Khan History in Hindi क्या आपने कभी अपनी पूरी संपत्ति आपने दान करने के लिए कभी सोचा है? नहीं ना. यह काम किसी भी व्यक्ति के लिए कठिन साबित हो सकता है. कोई व्यक्ति दान में कपड़े, बर्तन या फिर कुछ पैसे दे सकता है.

लेकिन आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताएंगे जिसने भारत को मुसीबत से बचाने के लिए अपने खजाने का ताला खोल दिया. यह बात सच है कि भारत को आजाद कराने वाले लोगों में सिर्फ क्रांतिकारियों का ही नाम गिना जाता है. लेकिन उन क्रांतिकारियों के अलावा कुछ व्यक्ति ऐसे भी थे जिन्होंने भारत को दास्ता की बेड़ियों से मुक्त कराया था. 

निजाम मीर उस्मान अली जो हैदराबाद के निजाम थे और साल 1965 में इन्होनें भारतीय सेना और उस समय के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की विशेष मदद करके इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवाया था.

mir-osman-ali-khan

हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली की कहानी | Mir Osman Ali Khan History in Hindi

उन लोगों में से उस्मान अली का नाम भी एक है. उस्मान अली ने भारत के लिए जान तो नहीं दिया लेकिन अपनी पूरी संपत्ति भारत के लिए न्योछावर कर दिया. जब साल 1965 में चीन ने भारत को आंख दिखाते हुए जंग करने की चेतावनी दी.तब भारत ने भी अपना कदम पीछे नहीं हटाया. क्योंकि भारत पाकिस्तान से युद्ध जीत चुका था, तो यह जंग भी जीतने के लिए वह तैयार था. बस सबसे बड़ी चुनौती भारत के लिए गोला ,बारूद और हथियार था.

mir-osman-ali-khan

Osman Ali Khan donated 5 tonnes of gold to Govt. of India

‘निजाम मीर उस्मान अली’ शुरू से ही नेकी के काम करते आ रहे थे. हथियार की कमी के वजह से भारत के लोग बेहद परेशान थे. उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री’ ने रेडियो के माध्यम से सारे राज्य के राजा महाराजा से मदद की मांग की. जब यह बात हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली’ के पास पहुंची. तो तुरंत उन्होंने शास्त्री जी को मिलने का संदेश भेजा.

संदेश मिलते ही शास्त्री जी तुरंत हैदराबाद जा पहुंचे. निजाम उस्मान ने बेगमपेट एयरपोर्ट पर शास्त्री जी का स्वागत किया. पूरी बात जानने के बाद मीर उस्मान ने 5 टन सोना राष्ट्रीय सुरक्षा कोष के लिए ऐलान कर दिया. बक्से से भरे सोना देखकर उस्मान अली ने कहा -” यह 5 टन सोना में भारत सेना के लिए दान कर रहा हूं, इसे स्वीकार करें और निडर होकर जंग लड़े, हम जरूर जीतेंगे”.

जानकर हैरानी होगी कि आज के समय में 5 टन सोने की कीमत 1500 करोड़ रुपए है. हैदराबाद के अंतिम ‘निजाम मीर उस्मान अली’ का यह दान उनको भारत के सबसे बड़े दानवीर बनाता है. आप मीर उस्मान अली के बारे में क्या सोचते हैं हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More in इतिहास