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पढ़िए नाथूराम गोडसे ने गाँधी की हत्या के बाद गाँधी के बेटे से जेल में क्या बोला था

नाथू राम गोडसे और देवदास गाँधी की मुलाकात

नाथू राम गोडसे और देवदास गाँधी की मुलाकात- नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी को क्यों मारा था, इस बात का सही-सही जवाब आज भी भारत के लोग जानना चाहते हैं. इस राज के ऊपर से हम पर्दा बाद में उठायेंगे लेकिन आज हम आपको बताते हैं कि जब नाथूराम गोडसे से पहली बार महात्मा गांधी के बेटे देवदास गाँधी मिले थे तो उस समय नाथूराम ने देवदास को क्या बोला था.

आपको बता दें कि देवदास गाँधी नाथूराम गोडसे को एक बहुत बड़ा हत्यारा मानते थे. इनको लगता था कि महात्मा को मारने वाला इन्सान कितना जालिम रहा होगा. एक व्यक्ति जो सदा अंहिसा के मार्ग पर चला उसको कोई कैसे गोली मार सकता है. तो आइये आपको आज हम नाथूराम गोडसे और देवदास गाँधी की बीच हुई इस मुलाकात के बारें में बताते हैं- नाथू राम गोडसे और देवदास गाँधी की मुलाकात

नाथू राम गोडसे और देवदास गाँधी की मुलाकात

इस मुलाकात का जिक्र नाथूराम के भाई और सह अभियुक्त गोपाल गोडसे ने अपनी किताब गांधी वध क्यों, में किया है. दरअसल जब नाथूराम गोडसे को फांसी की जगह उम्रकैद हुई तो उसके बाद पहली बार देवदास गांधी, नाथूराम से मिलने गये थे. मामला काफी उलझा हुआ था. सभी को लग रहा था कि इस मुलाकात में नाथूराम के साथ देवदास कुछ गलत ना कर दें. आगे इस किताब में लिखा हुआ है कि नाथूराम गोडसे ने पहली बार में ही देवदास गान्धी को पहचान लिया था.

नाथू राम गोडसे और देवदास गाँधी की मुलाकात

देवदास गाँधी को यही लग रहा था कि गाँधी के खून का प्यासा यह कातिल कैसा होगा. कितना खतरनाक इसका चेहरा होगा. लेकिन नाथूराम गोडसे एक दम शांत और सौम्य था. इस मुलाकात में देवदास गाँधी से मिलकर नाथूराम ने बस यही बोला था कि –

“मैं नाथूराम विनायक गोडसे हूं. मैं भी उस समय वहां पर था जहां गांधी की हत्या हुई थी. आज तुमने मेरी वजह से अपने पिता को खोया है. मेरी वजह से तुम्हें दुख पहुंचा है. कृप्या मेरा यक़ीन करो, मैंने यह काम किसी व्यक्तिगत रंजिश के चलते नहीं किया है, ना तो मुझे तुमसे कोई द्वेष है और ना ही कोई ख़राब भाव.”

आपको बता दें कि इस मुलाकात के बाद देवदास गाँधी समझ गये थे कि नाथूराम ने महात्मा गाँधी की हत्या बंटवारे से हुए इनके दर्द के कारण की थी लेकिन फिर भी किसी को किसी की हत्या का अधिकार नहीं है. वह भी महात्मा गाँधी की हत्या तो निश्चित रूप से गलत की गयी थी.

 

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