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सनसनीखेज खुलासा, सन 1792 में कश्मीर के सभी मुसलमान बनना चाहते थे हिन्दू, महाराजा गुलाब सिंह के दरबार में हिन्दू बनने की मांगी थी भीख

Kashmir history in hindi

Kashmir history in hindi- कश्मीर पिछले कई सालों से भारत के लिए मुश्किल बना हुआ है. जो कश्मीर कभी भारत का सबसे सुंदर और पवित्र स्थान हुआ करता था, वह आज आगजनी का शिकार हो रखा है. भारत का इतिहास गवा है कि यह कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था.

आज हम आपको कश्मीर का 1792 के आसपास का वो लिखित इतिहास बता रहे हैं जिसको लिखक डा. नित्यानंद जी ने भारतीय संघर्ष का इतिहास नामक किताब में लिखा है. आपको बता दें कि इस लेख की सभी जानकारी पुस्तक के आधार पर प्रमाणित है इसलिए इस इतिहास को झूठा नहीं बोला जा सकता है. Kashmir history in hindi

Kashmir history in hindi

ऐसे कई सबूत है कि जब कश्मीर में हिंदुओं के पवित्र मंदिर हुआ करते थे और भगवान शिव के यहां निरंतर 24 घंटे पूजा हुआ करती थी. जैसे कभी पाकिस्तान भारत का अभिन्न अंग हुआ करता था वैसे ही है कश्मीर भारत का अभिन्न अंग रहा था जिसके ऊपर कोई विवाद नहीं था. कहने को तो कश्मीर आज भी भारत का अभिन्न अंग है लेकिन यह अपना होकर भी जैसे अपना लगता नहीं है.

Kashmir history in hindi

कश्मीर में पिछले कई सालों से लगातार आवाम भारत के खिलाफ नारे और आवाज उठाती हुई नजर आ रही है. एक समय ऐसा भी था जब इसी कश्मीर में कश्मीरी पंडितों का बोलबाला हुआ करता था. लेकिन आज कश्मीरी पंडित कश्मीर से भगा दिए गए हैं. कश्मीरी पंडित अपने भाग्य पर रोना रोते हैं.

Kashmir history in hindi

दरअसल यह कश्मीरी पंडितों के पूर्वजों की गलती है कि उनका अपना कश्मीर उनके हाथ से निकल गया है. कश्मीरी पंडितों ने आज कश्मीर को भारत के हाथ से निकला दिया है. आज हम आपको भारत के इतिहास की अनोखी कहानी सुनाने वाले हैं जिसको पढ़कर आप भी हैरान रह जाएंगे.

Kashmir history in hindi

आपको बता दें कि कश्मीर में रहने वाले सभी कश्मीरी मुसलमान एक समय हिंदू हुआ करते थे. उनके हिंदू होने की कहानी तो हम कभी और आपको सुनायेंगे लेकिन आज आपको बताते हैं कि यह मुसलमान जो कश्मीर में रहते हैं यह एक समय हिन्दू बनना चाहते थे.

एक किताब के लेखक डॉक्टर नित्यानंद लिखते हैं कि 1792 ईसवी के आसपास कश्मीरी पंडितों से एक बहुत बड़ी गलती हुई थी. जब जम्मू कश्मीर पर महाराजा गुलाब सिंह का शासन था. तब कश्मीर के मुसलमान महाराजा की शरण में आए और उन्होंने महाराजा से प्रार्थना की थी कि मुस्लिम शासन काल में व्यवस्था के कारण हम ने इस्लाम स्वीकार किया था. अब हम फिर से हिंदू बनना चाहते हैं.

महाराजा गुलाब सिंह यह सुनकर काफी प्रसन्न हुए थे और उन्होंने मुसलमानों को बोला था कि वह कश्मीर के पंडितों से इस बारे में सलाह लेकर आपको बताएंगे. लेकिन उस समय के कश्मीर के पंडितों ने महाराजा गुलाब सिंह को धमकी भरे स्वर में कहा कि यदि कश्मीर के मुसलमानों को फिर से हिंदू बनाया गया तो हम झेलम में डूब कर अपनी जान दे देंगे और आपको हमारी ब्रह्महत्या का पाप लगेगा.

तो इसी कारणवश कश्मीर के उस समय के मुसलमानों वापस हिंदू नहीं बन सके थे. तो कश्मीरी पंडितों की इस भूल और उनकी मूर्खता के कारण आज का कश्मीर जल रहा है. अन्यथा कश्मीर में भाई-भाई फिर से साथ रह रहे होते और आज कश्मीर की वादियों में आतंकवाद की जगह अमन और चैन होता.

आपको अगर इस लेख पर शक हो या इस जानकारी पर गुस्सा आये तो आपको डा. नित्यानद की पुस्तक भारतीय संघर्ष का इतिहास जरुर मंगाकर एक बार पढ़ लेनी चाहिए. इस जानकारी से जुडी हुई कुछ और बातें अगर आपके पास हों तो आप हमें वह कमेन्ट के जरिये भी बता सकते हैं.

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