महाभारत युद्ध में करोड़ों मरे हुए सैनिकों के शवों के साथ भगवान कृष्ण ने करवाया था, ये बहुत नीचता भरा हुआ काम

Mahabharat katha

Mahabharat katha- महाभारत, जब भी हम यह नाम सुनते हैं तब हम कहीं ना कहीं आज से 100 साल पीछे चले जाते हैं और हम उस कहानी से जुड़ जाते हैं जहां कुरुक्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध हुआ था. समय द्वापर युग का था जब यह महा युद्ध हुआ था.  पांडवों ने धृतराष्ट्र के सौ बेटों पर जीत हासिल की थी, जिनको कौरव बोला जाता है. यह इतना बड़ा  युद्ध था जहां लाखों  सैनिकों ने अपने  प्राणों की बलि चढ़ाया था.

आज महाभारत हिंदू के प्रमुख कथाओं में से एक है और हम जब भी महाभारत को याद करते हैं  तब हम यह पाते हैं कि हमें वहां से कुछ न कुछ सीखने को मिल रहा है. यही बातें बाद में जीवन में हमें एक ज्ञान के तौर पर काम आती है.

Mahabharat katha

यह तो बात हुई महाभारत की लेकिन जानने और सोचने वाली बात यह है कि आखिर क्यों आजतक महाभारत युद्ध के एक भी योद्धा का शव नही मिला है? तो आइये आपको बताते हैं कि उन लाखों लोगों के शव के साथ आखिर क्या किया गया था- Mahabharat katha

Mahabharat katha

हां यह सत्य है कि महाभारत युद्ध में लाखों लोगों रक्त बहा लेकिन यहां सवाल यह है कि आखिर उन लाखों लोगों का अंतिम संस्कार कैसे हुआ? हम आपको बता दें इसका जवाब कहीं ना कहीं महाभारत में ही छुपा हुआ है. यह माना जाता है कि कुरुक्षेत्र की मिट्टी आज भी लाल पाई जाती है क्योंकि  वाह लाखों शूरवीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था.

Mahabharat katha

इस बात से तो शायद आप सभी अवगत होंगे कि महाभारत का युद्ध सुबह से सूर्य उदय के साथ शुरू होता था और सूर्य ढलने तक ही होता था. उसके बाद जो भी सैनिक मारे जाते थे उनकी लाशों को उनके परिवार को सौंप दिया जाता था. ताकि उनका अच्छे से अंतिम संस्कार हो सके.

Mahabharat katha

उसके बाद जब युद्ध खत्म हुआ तो कई सैनिकों को उनके परिजन से भी दूर रखा गया था. भगवान श्रीकृष्ण आज्ञा के बाद पूरी कुरुक्षेत्र भूमि को जला दिया गया था ताकि जो भी सैनिक का शव बचा हो उसका भी अंतिम संस्कार हो पाए और उनको स्वर्ग लोक प्राप्ति हो. ऐसे ही युद्ध 18 दिनों तक चला और भीष्म पितामह के अंतिम सांस के साथ महाभारत खत्म हुआ था.

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