Abhimanyu vadh mahabharat | महाभारत में सबसे अधिक हृदय विदारक दर्दनाक मौत
Connect with us
https://www.dvinews.com/wp-content/uploads/2019/04/vote.jpg

सनातन धर्म

महाभारत में किसकी मृत्यु सबसे अधिक हृदय विदारक यानि दर्दनाक थी, जिसको देखकर भारतवर्ष टूटकर रोया था?

Published

on

mahabharat-main-abhimanyu-death

Abhimanyu vadh Mahabharat- महाभारत के युद्ध में एक से एक और बड़े से बड़े योद्धा ने भाग लिया था. इतिहास इस बात का गवाह है कि महाभारत के युद्ध में जितने प्रतिभाशाली लोग शामिल थे इतने प्रतिभाशाली लोग शायद ही किसी और युद्ध में अभी तक इतिहास के अंदर नजर आए हो. महाभारत के युद्ध में कई प्रभावशाली लोगों की मृत्यु हुई हुई थी उनमें से कई मृत्यु इतनी दर्दनाक थी कि जिनको देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ गए थे. बेशक पर्दे के ऊपर आई तो उन मौत से भारत के एक बड़े वर्ग की आंखों में आंसू नजर आए थे.

आज हम आपको महाभारत में हुई अधिकतर मौतों के बारे में बताएंगे और बताएंगे कि महाभारत की सबसे दर्दनाक मौत कौन सी रही थी जिसको देखकर भारतवर्ष रोने लगा था- abhimanyu vadh mahabharat

भीष्म पितामह की मृत्यु

भीष्म पितामह ने अपनी एक खास प्रतिज्ञा के कारण कौरवों की तरफ से युद्ध लड़ना मंजूर किया था. आपको बता दें कि भीष्म पितामह ने प्रतिज्ञा ली थी कि वह अंत तक कौरवों का साथ देते हुए नजर आएंगे और यही कारण है कि वह कौरवों की तरफ युद्ध में शामिल थे लेकिन युद्ध के अंत में जब अर्जुन ने भीष्म पितामह को मृत्यु प्रदान की तो यह मृत्यु निश्चित रूप से दर्दनाक थी लेकिन यह मृत्यु इतनी दर्द नायक नहीं थी जितनी हम आपको आगे आप बताने वाले हैं.

घटोत्कच की मृत्यु

घटोतकच एक महान योद्धा था लेकिन यह योद्धा अपने पिता की तरफ से युद्ध करता हुआ नजर आया था. घटोत्कच का युद्ध से कोई भी लेना देना नहीं था आपको बता दें कि घटोत्कच कहीं भी इस युद्ध में शामिल नहीं था लेकिन अपने पिता का भला करने के लिए अंतिम क्षणों तक  यह युद्ध के मैदान में बना रहा और इसकी मृत्यु युद्ध के मैदान में ही हुई थी. घटोत्कच कहीं ना कहीं अपनी मौत को देकर पांडवों की जान बचाई थी लेकिन इस मौत पर भी लोगों के आंसू नजर नहीं आए थे.

अर्जुन और उलूपी के पुत्र इरावन की मृत्यु

अर्जुन और उलूपी के पुत्र इरावन की मृत्यु भी युद्ध के मैदान में महाभारत के अंदर हुई. इरावन को पिता के साथ समय व्यतीत करने का भी कोई अवसर प्राप्त नहीं हुआ था लेकिन बेवजह न जाने क्यों यह पुत्र भी अपने पिता के लिए महाभारत के युद्ध में मरता हुआ नजर आया था.

द्रोपदी के पांच पुत्रों की मृत्यु

द्रोपदी के पांच पुत्रों प्रतिविंध्य, शुतसोम, श्रुतकीर्ति, शतानिक व श्रुतिवर्मा का वध अश्वत्थामा ने रात्रि में जब किया था तब यह सो रहे थे. निश्चित रूप से यह दर्दनाक मौत थी लेकिन इसको देखकर भी लोगों की आंखों में आंसू उतरे नहीं थे जितने कि उस समय आए जब अभिमन्यु मारा गया था. महाभारत की सबसे दर्दनाक मृत्यु अभिमन्यु की मृत्यु रही है.

 

महाभारत में अभिमन्यु की मृत्यु | Abhimanyu death in Mahabharat

 

अभिमन्यु निश्चित रूप से एक महान योद्धा था और इस महान योद्धा की शादी 3 माह पहले ही हुई थी. अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु को चक्रव्यूह के अंदर जाना तो आता था लेकिन चक्रव्यूह से बाहर कैसे आते हैं यह अभिमन्यु को नहीं पता था लेकिन पांडवों की मदद करने के लिए और युधिष्ठिर की जान बचाने के लिए अभिमन्यु ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी. एक युवा योद्धा जो अभी अपने यौवनकाल में ही था और जिसका कौरवों से कोई बैर नहीं था उस योद्धा की जान कौरवों ने युद्ध के मैदान में बड़ी दर्दनाक रूप से हुई थी.

अभिमन्यु की मौत महाभारत के युद्ध में तेहरवें दिन हुई, दरअसल महाभारत के युद्ध में 12वा दिन कौरवों के लिए महत्वपूर्ण था इस दिन चक्रव्यूह का निर्माण किया गया था. इस चक्रव्यूह में घुसना और निकलना केवल कृष्ण और अर्जुन को आता था और यहां से निकलना भी अर्जुन ही जानते थे. 12 दिन जब चक्रव्यूह का निर्माण किया गया तो प्लान यह था कि कैसे भी कैसे अर्जुन को युद्ध के मैदान से दूर लेकर जाया जाए और तब युधिष्ठिर को चक्रव्यूह मेंफसाना आसान हो जाएगा लेकिन 12वे दिन कौरव किसी भी तरीके से अर्जुन को दूर नहीं ले जा पाए और यह प्लान सफल नहीं हो पाया था.

महाभारत युद्ध का तेरवा दिन

महाभारत युद्ध का तेरवा दिन चल रहा था तो उस समय एक बार फिर से कौरवों ने चक्रव्यूह का प्लान रचा और उस दिन कौरव अर्जुन को युद्ध के मैदान से दूर ले जाने में भी सफल साबित हो गए थे. अभिमन्यु जब अपनी मां के पेट में थे तो उस समय एक बार अर्जुन ने अपनी पत्नी को इस चक्रव्यूह के बारे में बताया था तब जब अर्जुन यह कहानी सुना रहे थे तब अर्जुन की पत्नी केवल यही तक सुन पाई थी कि कैसे और किस तरीके से चक्रव्यूह में घुसा जाता है उसे निकलने के समय अर्जुन की पत्नी को नींद आ गई थी और यही कारण है कि अभिमन्यु पेट में केवल यही सुन पाए थे कि किस तरीके से चक्रव्यूह में घुसा जाता है.

अभिमन्यु किसी भी तरीके से युधिष्ठिर की जान बचाने के लिए चक्रव्यूह में घुस गए थे लेकिन कौरवों ने युवा योद्धा दर्दनाक मौत दी थी तो इस मौत को महाभारत की सबसे दर्दनाक मौत बोला जा सकता है. यही मौत महाभारत की सबसे दर्दनाक मौत रही जिसके कारण भारत में और जिसको देखकर भारत के लोग रोते हुए नजर आए थे.

भारत का ऐसा मंदिर जहां भागे हुए प्रेमियों की रक्षा करते हैं भोलेनाथ

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *