जहाँगीर अगर यह लालच नहीं करता तो भारत अंग्रेजों का गुलाम कभी ना बनता-पढ़िए जहांगीर के लालच का सनसनीखेज सच - Hindi News | Latest News | opinion | viral stories from India | DVI News
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इतिहास

जहाँगीर अगर यह लालच नहीं करता तो भारत अंग्रेजों का गुलाम कभी ना बनता-पढ़िए जहांगीर के लालच का सनसनीखेज सच

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Mughal Emperor Jahangir mistakes in indian history

भारत अंग्रेजों का गुलाम 200 सालों तक बना रहा. गुलामी के दौरान लोगों पर कई अत्याचार हुए. कभी कोई काम के दौरान मारा जाता तो किसी के घर में चूला नहीं जल पाता था.सालों साल यह अत्याचार सहने के बावजूद कभी किसी ने यह नहीं सोचा कि इस गुलामी का जिम्मेदार कौन है? क्या वजह थी जिसके चलते लोग इतने सालों तक अंग्रेजों का गुलाम बनना पड़ा? लेकिन क्या आपको पता है कि जहांगीर की एक गलती ने भारत के लोगों को यह दशा दिखाई थी. तो चलिए जानते हैं आखिर वह क्या वजह थी अंग्रेजों का गुलाम बना था.

Mughal Emperor Jahangir mistakes in indian history

अंग्रेज भारत क्या करने आये थे

बात 16 ईसवी का था जब अंग्रेज व्यापारियों ने इंग्लैण्ड की महारानी एलिजाबेथ से भारत में व्यापार करने की अनुमति ली थी. इसके लिए उन्होंने ईस्ट इण्डिया कम्पनी कोई स्थापित किया. उस समय जहांगीर का शासन भारत में चल रहा था. अंग्रेज का एक दूत हॉकिंस अपने साथ इंग्लैण्ड के बादशाह जेम्स प्रथम का पत्र ज़हाँगीर के नाम लाया था.

जहांगीर की यह गलती पड़ी है भारत पर भारी

सन 1608-09 के दौरान ज़हाँगीर के राज दरबार में हॉकिंस अपने आपको राजदूत के रूप में पेश किया और घुटनों के बल झुककर उसने बादशाह ज़हाँगीर को सलाम किया. जब बात जहांगीर को बेहद पसंद आया. इसके लिए जहांगीर ने हॉकिंग्स का खुलकर स्वागत किया और उसे सम्मान भी दिया. लेकिन जब उसने जहांगीर से अनुमति मांगी तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया. लेकिन 1615 में ऐसा क्या हुआ कि जहांगीर ने टॉमरो को भारत में व्यापार करने की अनुमति दे दी?

इस घटना की पूरी व्याख्या हम आपको इस आर्टिकल के जरिए देंगे.बात जहांगीर की बेटी जहाँआरा के 30वें जन्मदिन की है. जब जश्न की तैयारी के दौरान वो गंभीर रूप से जल गई थी. जिससे राजा बहुत परेशान और डर गए थे. जहांगीर ने उसके अच्छा होने के लिए हाकिमो और वैद्यों की पूरी सेना लगा दी. उसके साथ ही प्रार्थना करने के लिए पवित्र स्थानों की यात्रा भी की.लेकिन उसकी बेटी की हालत नहीं सुधरी. जबकि भारत उस वक्त एक ऐसे देश था जहां की आयुर्वेदिक प्रणाली बहुत विकसित थी. लेकिन दुर्भाग्य से ये चिकित्सा भी असफल हो गई. जहांगीर के दरबार में सर थॉमस रो की यात्रा के दौरान उन्होंने पाया कि जहांगीर परेशान थे. उनकी परेशानी देखकर उन्होंने राजा से उसका कारण कारण पूछा. तब जहांगीर ने उसे अपनी बेटी की हालत बयां किया. फिर थॉमस रो ने ब्रिटिश डॉक्टर की मदद से उसकी बेटी का हर जख्म भर दिया.

Mughal Emperor Jahangir

मुगल सम्राट  सर थॉमस रो का बहुत एहसानमंद था. जिसके बदले में वह कुछ भी देने को तैयार था. फिर छात्रों ने मौके का फायदा उठाते हुए जहांगीर से भारत में व्यापार करने की अनुमति मांगी.चूंकी जहांगीर सर थॉमस रो का बहुत आभारी था तो मना करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं हुआ. अपने वादे को निभाते हुए जहांगीर ने अनुमति दे दी. इस तरह से अंग्रेज मुफ्त में भारत मैं व्यापार करने लगे. उसके साथ ही भारत के लोगों को गुलाम बनाने का निर्णय भी ले लिया. आर्टिकल के जरिए आप समझ सकते हैं कि अंग्रेज कितने चालाक और गद्दार थे.

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