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इतिहास

अकबर का खूनी इतिहास! इसको पढ़कर आपका खून खौल उठेगा ! अकबर एक मक्कार और जल्लाद शासक था

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akbar history in hindi

जब हम किसी के बारे में जानने की कोशिश करते हैं तो हम वहीं जान पाते हैं. जो हम ज्यादा सुनते हैं या फिर यूं कहें कि कुछ लोगों को हम आधा-अधूरा जानकर ही अपना फैसला ले लेते हैं.

इतिहास में भी ऐसे बहुत-से राजा महाराजा हुए हैं जिन्हें हम सहीं से नहीं पहचानते और उनकी उन काली करतूतों को नहीं जानते जो उनका असली चेहरा होता है. जी हां, आज हम आपको मुगल शासक अकबर के बारे में बताने जा रहे हैं. जिनके बारे में आज तक आपने महानता के किस्से सुने होंगे कि अकबर एक बहादुर और वीर योद्धा थे. लेकिन असलियत कहां किसी को पता होती है. इस वीर योद्धा ने ऐसे बहुत से काम किए जो अकबर को निकम्मा और मक्कार सिद्ध करता है. आइए आपको बताते हैं अकबर के मक्कार होने का कारण.

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जीत के आगे इंसानियत कुछ नहीं

अपनी जीत के कारण मुगल किसी को भी मारने को तैयार रहते थे. यही कारण था कि प्रजा कभी अकबर की अनुयायीं नहीं थी. आपको बता दें कि अकबरनामा के अनुसार- 1575 को अकबर ने बंगाल विजय के दौरान सैनिकों और नागरिकों की हत्या करवाई. इतना ही नहीं मक्कारी की हद तो तब हो गई जब अकबर ने उनके कटे सर की मीनारें बनाने को कहा.

अकबर ने जिसको भी सताया उसको खून के आंसू रूला दिया था. हारे हुए शासक दाऊद खान के पानी मांगने पर अकबर ने उसे जूते मैं भरकर में पानी दिया.

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दया नाम कोई चीज नहीं थी अकबर के अंदर

मुगलों में दया और दुआ दोनों ही अपने फायदे के लिए दी जाती थी. अकबर ने भी अपने फायदे से बढ़कर कुछ नहीं माना. चितौड़ की विजय के बारें में अबुल फजल ने लिखा था, कि अकबर के आदेश के चलते 8000 राजपूत योद्धा को बंदी बना लिया गया और बाद में उन्हें मरवा दिया गया. और चित्तौड़ में विजय प्राप्ति के बाद अकबर ने किसी को नहीं छोड़ा. प्रातः काल से दोपहर तक 80,000 हजार किसानों को मौत के घाट उतार दिया. जिनमें 3000 बच्चे भी शामिल थे. इससे सिद्ध होता है कि अकबर हिंदुओं का दुश्मन था.

औरतों का झूठा सम्मान

नारी को सम्मान देना सबसे सर्वोपरि माना जाता है लेकिन बादशाह अकबर को यह बात कहां से समझ आती थी. औरत तो मानो अकबर के लिए कोई खिलौना जैसी थी जो भी पसंद आई उठाकर अपने हरम में ले आए. अपनी हवस के कारण अकबर ने न जाने कितनी मुस्लिम औरतों की अस्मत लूटी.

1564 में गोंडवाना की महारानी दुर्गावती पर अकारण हमला करके अकबर ने अपनी क्रूरता का परिचय दिया. आपको बता दें कि रानी एक महान योद्धा थी. 2 दिन के भयंकर विश्व युद्ध के बाद रानी ने खुदकुशी कर ली क्योंकि रानी नहीं चाहती थी कि कोई अपने हाथ से उन्हें मारे और वह अपवित्र हो जाए.. 

यह थी अकबर के बारे में वह बातें जो अकबर को क्रूर बादशाह कहने पर मजबूर कर देती हैं. यदि आप भी मानते थे कि बादशाह अकबर एक महान योद्धा थे तो एक बार जरूर अकबरनामा को उठाकर सच्चाई जानने की कोशिश करें. जो भी हमने कहा वह तथ्य पर आधारित है इसलिए कौन महान और कौन दुष्ट है सब कुछ स्पष्ट है. आपको हमारी पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके बताएं.

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