शिव के पहले अवतार हैं महाशक्तिशाली महाकाल, आइये पढ़ते हैं महाकाल की खास शक्तियों के बारें में
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शिव के पहले अवतार हैं महाशक्तिशाली महाकाल, आइये पढ़ते हैं महाकाल की खास शक्तियों के बारें में

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महाशक्तिशाली महाकाल

महाशक्तिशाली महाकाल– भगवान शिव के बारें में शास्त्रों के अंदर भी सीमित बातें बताई गयी हैं. शिव का जन्म कहाँ हुआ और शिव के माता-पिता का नाम क्या है, यह सब बातें बड़े रहस्य की हैं. लेकिन इसके बावजूद भगवान शिव को सत्य का सबसे बड़ा रक्षक बोला जाये तो गलत नहीं होगा. बेशक आज विज्ञान के समय में शिव और राम की बातें करना अन्धविश्वास में आता है किन्तु सच यही है कि सनातन हजारों सालों से शांति का एक माध्यम बना हुआ है.

भगवान शिव को भारत में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात से लेकर असम-गोवाहाटी तक समान रूप में पूजा जाता है. शिव के अवतारों के बारें में सनातनी लोग काफी कम जानते हैं. तो डेमोक्रेटिक वायस ऑफ़ इंडिया आपको आने वाली अपनी इस सीरीज में शिव के सभी अवतारों के बारें में जानकारी देगा-  महाशक्तिशाली महाकाल

महाशक्तिशाली महाकाल

  • शिव का पहला अवतार महाशक्तिशाली महाकाल

शिव के दस प्रमुख अवतारों में पहला अवतार महाकाल को सबसे पहला अवतार बताया गया है. इस अवतार की शक्ति मां महाकाली मानी जाती हैं. कहते हैं कि सत्य की पृथ्वी पर स्थापना के लिए शिव ने महाकाल का अवतार लिया था. उज्जैन में महाकाल नाम से ज्योतिर्लिंग विख्यात है.  उज्जैन में ही गढ़कालिका क्षेत्र में मां कालिका का प्राचीन मंदिर है और महाकाली का मंदिर गुजरात के पावागढ़ में भी स्थित है.

महाशक्तिशाली महाकाल

स्कंदपुराण के अवंती खंड, शिव महापुराण, मत्स्य पुराण आदि में महाकाल वन का वर्णन विस्तार से दिया गया है. किन्तु समय अभाव के कारण कभी हम महाकाल के रूप के बारें में अधिक जानने का प्रयास ही नहीं करते हैं. ऐसा यहाँ शास्त्रों में लिखा हुआ है कि दूषण नामक एक दैत्य से भक्तों की रक्षा करने के लिए भगवान शिव ज्योति के रूप में यहां प्रकट हुए थे. दूषण संसार का काल थे और शिव ने उसे नष्ट किया अत: वे महाकाल के नाम से पूज्य हुए.  महाकाल की पहली शक्ति यह है कि उन्होंने काल को अपने वश में किया है. यदि कोई व्यक्ति महाकाल को प्रसन्न कर ले तो वह काल के जाल से मुक्त हो जाता है.

 

तो उज्जैन की नगरी को महाकाल की नगरी बताया जाता है. राजा चंद्रसेन के राज्य में यहाँ महाकाल का पहला मंदिर बनाया गया था. बात में मंदिर पर कई हमले हुए लेकिन आज भी उज्जैन की नगरी में महाकाल के कई चमत्कारों को साक्षात् महसूस किया जाता है.

 

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1 Comment

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  1. Aakash yadv

    January 4, 2019 at 2:23 pm

    Jai shree mahakaal

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